समस्तीपुर: जिले के प्रतिष्ठित आरएसबी इंटर विद्यालय में भवन के जीर्णोद्धार और असैनिक मरम्मत कार्य में कथित अनियमितता का मामला सामने आया है. वर्ष 1890 में स्थापित इस ऐतिहासिक विद्यालय का चयन सरस्वती विद्या निकेतन योजना के तहत मॉडल विद्यालय के रूप में किया गया है. विद्यालय की प्रधानाध्यापक ने संवेदक पर प्राक्कलन के अनुरूप काम नहीं करने और अधूरा कार्य छोड़ने का आरोप लगाते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है.
₹4.99 लाख की प्राक्कलन राशि से होना था काम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिहार सरकार के शिक्षा विभाग की ओर से विद्यालय भवन के रंग-रोगन और वृहत जीर्णोद्धार कार्य के लिए 4 लाख 99 हजार रुपये की प्राक्कलन राशि स्वीकृत की गयी थी. कार्यादेश बलभद्रपुर, दुधपुरा वार्ड संख्या-03, समस्तीपुर निवासी संवेदक ओम प्रकाश साह को दिया गया था.
प्रधानाध्यापक की ओर से भेजे गये शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि संवेदक ने स्वीकृत प्राक्कलन और एस्टिमेट के अनुरूप काम नहीं किया. पूरे भवन की मरम्मत और रंग-रोगन कराने के बजाय केवल बाहरी हिस्सों में अधूरा रंग-रोगन कर काम बंद कर दिया गया.
बार-बार अनुरोध के बावजूद पूरा नहीं किया काम
विद्यालय प्रशासन के अनुसार, कार्य के दौरान संवेदक को कई बार एस्टिमेट के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करने का अनुरोध किया गया. इसके बावजूद संवेदक ने विद्यालय प्रशासन के निर्देशों की अनदेखी की और काम अधूरा छोड़ दिया.
प्रधानाध्यापक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायती पत्र की प्रतिलिपि जिले के अन्य वरीय प्रशासनिक अधिकारियों को भी भेजी है. विद्यालय प्रशासन और स्थानीय लोगों ने संवेदक को ब्लैकलिस्ट करने, कानूनी कार्रवाई करने और विद्यालय के शेष जीर्णोद्धार कार्य को जल्द पूरा कराने की मांग की है.
डीईओ बोले- मामले की जांच की जा रही
जिला शिक्षा पदाधिकारी कामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है. इसकी जांच-पड़ताल की जा रही है. जांच के बाद उचित कार्रवाई की जायेगी.
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