पूसा किसान प्रशिक्षण: डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा में उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से आए 65 किसानों और कृषि अधिकारियों के दल ने तीन दिवसीय अंतर्राज्यीय परिभ्रमण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लिया. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित अंतर्राज्यीय एक्सपोज़र विजिट योजना के तहत 16 से 18 सितंबर 2026 तक इस विशेष शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया.
श्री अन्न मूल्य श्रृंखला पर मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण
कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) के अधिकारियों के नेतृत्व में पहुंचे किसानों को मोटे अनाज यानी 'श्री अन्न' (मिलेट्स) की आधुनिक खेती से जुड़ी बारीकियों से रूबरू कराया गया. विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर प्रशिक्षित किया:
- उत्पादन एवं बीज तकनीक: उन्नत फसलोत्पादन के वैज्ञानिक तरीके और गुणवत्तापूर्ण बीजोत्पादन के तौर-तरीके.
- प्रसंस्करण व मूल्य संवर्धन: मिलेट्स आधारित पौष्टिक उत्पादों का निर्माण, ग्रेडिंग और आधुनिक प्रोसेसिंग तकनीक.
- पैकेजिंग और ब्रांडिंग: बेहतर पैकेजिंग, ब्रांड तैयार करना और उत्पादों को बड़े बाजारों से जोड़ने की विपणन रणनीति.
उत्कृष्टता केंद्र और बीज प्रक्षेत्रों का लिया जायजा
परिभ्रमण के दौरान किसानों को 'बिहार पोषक अनाज मूल्य श्रृंखला उत्कृष्टता केंद्र' के तहत लगाए गए विभिन्न फसल ट्रायल्स दिखाए गए. इसके अलावा किसानों ने विश्वविद्यालय और स्थानीय किसानों की सहभागिता से तैयार किए जा रहे श्री अन्न के बीज उत्पादन प्रक्षेत्रों का भी गहन अवलोकन किया. आधुनिक तकनीकों और लहलहाती फसलों को देखकर किसानों में भारी उत्साह देखने को मिला.
तकनीकी सहयोग पर बनी सहमति
प्रशिक्षण के दौरान किसानों एवं आत्मा अधिकारियों ने श्री अन्न की खेती अपनाने में आने वाली शुरुआती व्यवहारिक दिक्कतों पर वैज्ञानिकों से खुलकर संवाद किया. विश्वविद्यालय प्रशासन ने किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने और तकनीकी मार्गदर्शन देने पर सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया.
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