समस्तीपुर : बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि सही मायने में यदि देखा जाये तो शिक्षा का मूल उद्देश्य व्यक्ति के दृष्टिकोण व आचार- विचार में परिवर्तन लाना है. वे सिंघिया खुर्द स्थित एसके मंडल ग्रुप ऑफ इंस्टीच्यूशन्स के 10 वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि शिक्षा प्राप्ति के बाद भी आपका दृष्टिकोण और आचार- विचार वही रहे जो उससे पहले था, तो वास्तव में उस व्यक्ति पर शिक्षा का कोई असर नहीं हुआ. शिक्षा का उद्देश्य है अपने मानस का विस्तार करना और मानस के विस्तार का मतलब है, जहां जो चिंता हम अपने बारे में कर रहे हैं, जो मेरा स्नेह अपने और अपनों के बारे में है, उसका विस्तार होते चला जाये. उसे हर कोई अपना नजर आने लगे. शिक्षा और विद्या के फलस्वरूप आपके अंदर वो तेज पैदा होना चाहिए जो आपके जीवन को आलोकित करे. इसके साथ-साथ समाज को भी आलोकित करे. हमारी परंपरा में विद्या का यही उद्देश्य बताया गया है. आप यहां व्यवसायिक अध्ययन कर रहे हैं, इससे आपके अंदर एक कौशल का विकास होता है. तो हम उत्कृष्ठता की ओर बढ़ते हैं, जिस कोशिश को आप कर रहे हैं, उसमें एक चीज बहुत आवश्यक है. उन्होंने बताया कि हमारे पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधा कृष्णन ने अपने भाषण में कहा था कि अगर हम सभ्य जीवन जीना चाहते हैं, हमारे अंदर करुणा के भाव अनुकंपा के भाव का विकास करना आवश्यक हैं, महिलाओं के अंदर करुणा का भाव नैसर्गिक होता है. पुरुषों को इसके लिये सचेत प्रयास करने चाहिए. हमारे जीवन में मानस का मतलब है आपका दिल सिर्फ अपने लिये नहीं दूसरों के लिये भी धड़कना चाहिये. अगर हमारे पास संस्कारों की और मूल्यों की, करुणा और अनुकंपा की कमी है तो ये पढ़ाई लिखाई हमें राक्षस बना सकती है. विद्या से विनम्रता, अनुकंपा और करुणा आनी चाहिए. इसी से सुख की प्राप्ति दुनिया में जहां भी नजर डालें विद्या सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम है, लेकिन भारत के चिंतकों की नजर में यह सशक्तिकरण के साथ-साथ ये मानव की मुक्ति का भी साधन है. मुक्ति कैसे होती है, जहां आप अपनी क्षमताओं, योग्यताओं व शक्ति को केवल अपने लिये नहीं समाज के लिये समर्पित करें. अपनी मुक्ति चाहते हैं तो जगत कल्याण के लिये काम करें. मौके पर कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री रामनाथ ठाकुर, सांसद देवेशचंद्र ठाकुर, जर्नादन सिंह सिग्रीवाल, सांसद शांभवी चौधरी, एसके मंडल ग्रुप ऑफ इंस्टीच्यूशन्स के अध्यक्ष एसके मंडल, सचिव मोनी रानी मौजूद थी.
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