Sarairanjan News: प्रखंड के आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय, सरायरंजन में शुक्रवार को महान साहित्यकार एवं उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई. इस अवसर पर आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने प्रेमचंद के साहित्य, सामाजिक सरोकारों और मानवीय मूल्यों पर विस्तार से चर्चा की. कार्यक्रम में शिक्षकों, विद्यार्थियों, साहित्यप्रेमियों और गणमान्य लोगों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही.
प्रेमचंद का साहित्य समाज का दर्पण : अनंत कुमार राय
मुख्य अतिथि अनंत कुमार राय ने कहा कि प्रेमचंद का साहित्य समाज का दर्पण है. उनकी रचनाएं आज भी सत्य, न्याय और मानवता का मार्ग दिखाती हैं. उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को प्रेमचंद के विचारों और साहित्य से अवश्य जुड़ना चाहिए.
विद्यालय के प्रधानाध्यापक रवींद्र कुमार ठाकुर ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि प्रेमचंद ने अपनी लेखनी से शोषित और वंचित वर्ग को आवाज दी. उनका साहित्य केवल कहानी नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम है और उनके आदर्श आज भी पूरी तरह प्रासंगिक हैं.
साहित्य समाज में संवेदनशीलता का संदेश देता है
विशिष्ट अतिथि प्रो. अवधेश कुमार झा ने कहा कि प्रेमचंद ने भारतीय संस्कृति, नैतिकता और संवेदनशीलता को अपने साहित्य में जीवंत रूप दिया. उनका जीवन और कृतित्व सभी के लिए प्रेरणास्रोत है.
साहित्यकार कुमोद प्रसाद गिरि ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं. प्रेमचंद का साहित्य समाज में समानता, करुणा और मानवीय चेतना का संदेश देता है तथा उनकी विरासत को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है.
पुष्पांजलि अर्पित कर लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में मुंशी प्रेमचंद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई. उपस्थित लोगों ने उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया. आयोजन के अंत में अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया.
इस अवसर पर विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष दिनेश कुमार साहू, रामचंद्र साहू, रामदयाल राय, रवींद्रनाथ झा, रंजीत कुमार, मदन कुमार भगत, राकेश कुमार, शरत कुमार, सोनाली कुमारी सिन्हा सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे.
