मोरवा : भारी गहमागहमी के बीच पंचायत समिति सदस्यों की सामान्य बैठक सोमवार को पंचायत समिति भवन में शुरू हुई. अध्यक्षता प्रमुख सान्या नेहा ने की. संचालन बीडीओ अरुण कुमार निराला ने किया. पूर्व की भांति इस बार भी अधिकांश अधिकारी बैठक से गायब रहे. इस पर सदस्यों ने खूब हंगामा किया. बैठक शुरू होते ही जनप्रतिनिधि आक्रोशित होने लगे. जनप्रतिनिधियों का कहना था कि जब बैठक समय पर नहीं होती है और योजनाओं का अनुमोदन ही नहीं होता है फिर बैठक करने का क्या औचित्य है. सदस्यों ने पहले आगामी बैठक की तिथि निर्धारित करने एवं पूर्व की बैठक के योजनाओं की संपुष्टि एवं योजनाओं के अनुमोदन को लेकर सवाल खड़ा किया. मुखिया संघ अध्यक्ष प्रियरंजन गोपाल, ब्रजेश प्रसाद राय, संजू सक्सेना, चंदेश्वर पासवान, सुनील कुमार राय, कविता कुमारी, निक्की गिरी, अनिता देवी, रंजीत पासवान, रिंकू देवी, शुचिता कुमारी, पंसस चंदन कुमार, रविन्द्र कुमार, रजनीश कुमार, प्रवीण कुमार, पप्पू साह, रेखा देवी, रामानन्द राय, प्रभात कुमार सिंह, शोभा देवी, विश्वमोहन कुमार ने योजनाओं की बिगड़ी व्यवस्था को लेकर आक्रोश प्रकट करते हुए सदन में शोर-शराबा शुरू कर दिया.
– योजनाओं के अनुमोदन को लेकर शुरू हुआ विवाद
जनप्रतिनिधियों का कहना था कि पंचायत समिति की बैठक में लिये गये प्रस्ताव पर अमल नहीं होता है. न ही बैठक से अनुपस्थित अधिकारियों पर किसी तरह की कोई कार्रवाई होती है. इससे पहले विधायक रणविजय साहू ने सदन को संबोधित किया. बीडीओ अरुण कुमार निराला ने सदन को बताया कि आगामी 4 अप्रैल को पंचायत समिति की बैठक की जायेगी लेकिन रामनवमी का हवाला देते हुए सदस्य उस तिथि से संतुष्ट नहीं थे. सदस्यों की मांग था कि सदन में सभी अधिकारियों हों तब ही बैठक की औपचारिकता पूरी की जा सकती है. बीडीओ बैठक को सुचारू चलने देने का अनुरोध किया लेकिन विभिन्न बिंदुओं का हवाला देते हुए सदस्य इसका विरोध करने लगे. इसी बीच बनबीरा पंचायत के दिवंगत मुखिया नारायण शर्मा और हाल ही में निधन हुए चकपहाड़ की पंचायत समिति सदस्य राधना सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए 2 मिनट का मौन रखा गया. श्रद्धांजलि के बाद बीडीओ ने बैठक को जारी रखने की मंशा जाहिर की. कार्यवाही शुरू करने की बात कही लेकिन इस पर सदस्यों ने एक स्वर से विरोध जताते हुए कहा कि नियम के विरुद्ध अधिकारी जाकर बैठक को निपटाना चाह रहे हैं.
– सदस्यों ने कहा, सही समय पर नहीं होती है बैठक
इसी बीच बीपीआरओ संजीव कुमार द्वारा मुखिया को बताया गया कि अनुरक्षकों के भुगतान की राशि उपलब्ध करा दी गई है. इस पर मुखिया ने आपत्ति जाहिर करते हुए कहा कि जब तक नल-जल की व्यवस्था सुदृढ़ नहीं होगी तब तक अनुरक्षकों का भुगतान नहीं किया जायेगा. कई जनप्रतिनिधियों ने हंगामा करना शुरू कर दिया तो विधायक की सलाह पर प्रमुख सान्या नेहा ने सदन की कार्यवाही समाप्त करने की घोषणा की. मौके पर उप प्रमुख स्मिता शर्मा, मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी रंजीत कुमार, बीएओ संजय कुमार शर्मा, बीइओ अजीत कुमार, दारोगा श्वेता कुमारी, एलएस पूर्णिमा कुमारी, कुमुद कुमारी, सीआई रवि कुमार, दिलीप शर्मा, ज्ञान भास्कर आदि मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
