Samastipur News:हिंदी में ही कार्य संपादित करने की जरूरत : कुलपति

डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय स्थित विद्यापति सभागार में आयोजित हिंदी चेतना माह का प्रमाण पत्र के साथ सम्पन्न हुआ.

Samastipur News: पूसा : डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय स्थित विद्यापति सभागार में आयोजित हिंदी चेतना माह का प्रमाण पत्र के साथ सम्पन्न हुआ. अध्यक्षता करते हुए कुलपति डॉ पुण्यव्रत सुविमलेंदु पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय के ज्यादा से ज्यादा कार्य हिंदी में संपादित करने की जरूरत है. इससे लोगों को मातृभाषा से लगाव बढ़ेगा. भारत वर्ष में ही हिंदी दिवस मनाने की आवश्यकता हो रही है. हिंदी विशिष्ट भाषा ही नहीं वरन भारत की शान भी है. उन्होंने कहा कि पत्राचार का कार्य सौ प्रतिशत हिंदी भाषा में ही करने की जरूरत है. विवि में कार्य बहुत अधिक होता है. जबकि रिपोर्टिंग नगण्य है. समापन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि प्रबंध बोर्ड के सदस्य जयकृष्ण झा ने कहा कि विवि में वैज्ञानिक एवं किसानों के बीच संवाद स्थापित करने की दिशा में पहल करने की आवश्यकता है. कोई भी बड़ा से बड़ा कार्य में उत्पन्न विवाद संवाद स्थापित करने से बड़े ही सहजता के साथ सम्पन्न हो जाता है. कुलसचिव डॉ मृत्युंजय कुमार ने अपनी 39 वर्षों के यात्रा के अंतिम क्षण में हिंदी चेतना मास के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि हिन्दी को जीवनशैली बनाते हुए कार्यशैली में परिवर्तित करने की आवश्यकता है. राजभाषा अधिकारी डा शंकर झा ने कहा कि कार्यक्रम की रुपरेखा प्रस्तुत की. निदेशक शिक्षा डॉ यूएस बेहरा ने कहा कि विवि के विभिन्न कार्यों में हिंदी का समावेश जरूरी है. डीन टीसीए ढोली डा पीपी सिंह ने कहा कि हिन्दी विश्व की पटल पर सबसे सरल भाषा है. डीन पीजीसीए डॉ मयंक राय ने कहा कि छात्र-छात्राओं के थीसिस की एब्सट्रैक्ट को हिंदी में लिखने की शुरुआत हो चुकी है. नियंत्रक डा पीके झा ने कहा कि हिन्दी में सम्पूर्ण देश का रुझान बढ़ी है. अंत में प्रतियोगिता में शामिल विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया. संचालन डॉ ईश प्रकाश ने किया.

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By ABHAY KUMAR

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