एनसीसी स्वास्थ्य समस्तीपुर: जितवारपुर स्थित समस्तीपुर कॉलेज परिसर में संचालित 12 बिहार बटालियन एनसीसी के विशेष प्रशिक्षण शिविर में गुरुवार को स्वास्थ्य जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया. इस विशेष सत्र का मुख्य उद्देश्य युवा कैडेट्स को आपातकालीन चिकित्सा परिस्थितियों से निपटने के तौर-तरीके सिखाना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के प्रति प्रेरित करना था. कार्यक्रम में बटालियन के हजारों कैडेट्स और छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर आवश्यक चिकित्सकीय जानकारियों को समझा.
इमरजेंसी में जीवन रक्षक साबित होती है सीपीआर तकनीक
सत्र के मुख्य वक्ता एवं जिले के प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने कैडेट्स को संबोधित किया. उन्होंने बताया कि किसी भी मेडिकल इमरजेंसी के दौरान बिना घबराए त्वरित प्राथमिक उपचार देना बेहद जरूरी होता है. उन्होंने युवाओं को जीवन रक्षक तकनीक सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) का प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया, जिससे आपातकाल में किसी व्यक्ति की जान बचाई जा सके.
- टीबी उन्मूलन: समय पर जांच, नियमित दवा और जागरूकता से ही क्षय रोग का पूर्ण उपचार और रोकथाम संभव है.
- मानसिक संतुलन: शारीरिक तंदुरुस्ती के साथ-साथ युवाओं का मानसिक रूप से मजबूत होना भी अत्यंत आवश्यक है.
- स्वस्थ दिनचर्या: नियमित व्यायाम, पौष्टिक भोजन, अनुशासित जीवन और सकारात्मक साहित्य का अध्ययन जीवन में अपनाएं.
शिविर में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की रही मौजूदगी
सत्र के दौरान अधिकारियों ने युवाओं को अनुशासन और सेवा भावना के साथ समाज में स्वास्थ्य दूत बनकर काम करने का आह्वान किया. इस मौके पर कर्नल संदीप कोचर, ट्रेनिंग एमसीओ केशरी नंदन सिंह, एसएम कुलदीप सिंह, विवेक कुमार एवं कृष्णा कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे.
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