National Horticulture Conference: समस्तीपुर के पूसा स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में 28 से 31 मई 2027 तक प्रस्तावित राष्ट्रीय सम्मेलन को लेकर तैयारियां शुरू हो गयी हैं. सम्मेलन का विषय “अमृत काल में पोषण, जलवायु लचीलापन, आजीविका और सतत विकास के लिए बागवानी के माध्यम से खाद्य प्रणालियों में परिवर्तन” रखा गया है. सम्मेलन की तैयारियों को लेकर विश्वविद्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गयी.
यह राष्ट्रीय सम्मेलन भारतीय बागवानी संघ परिसंघ (सीएचएआई), नई दिल्ली द्वारा प्रस्तावित है और इसकी मेजबानी डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा द्वारा की जानी है. समीक्षा बैठक की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पुण्यव्रत सुविमलेंदु पांडेय ने की.
बैठक में डॉ. एचपी सिंह, पूर्व कुलपति, राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, पूसा तथा पूर्व उप महानिदेशक (बागवानी), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली एवं अध्यक्ष, सीएचएआई, नई दिल्ली मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे.
पोषण सुरक्षा और जलवायु सहनशीलता पर होगा मंथन
बैठक का शुभारंभ डॉ. अनिल कुमार सिंह, निदेशक अनुसंधान, आरपीसीएयू, पूसा के स्वागत संबोधन से हुआ. कुलपति डॉ. पीएस पांडेय ने मुख्य अतिथि डॉ. एचपी सिंह का स्वागत करते हुए प्रस्तावित सम्मेलन के महत्व पर प्रकाश डाला.
डॉ. एचपी सिंह ने कहा कि प्रस्तावित राष्ट्रीय सम्मेलन बागवानी के माध्यम से पोषण सुरक्षा, जलवायु सहनशीलता, आजीविका संवर्धन और सतत खाद्य प्रणालियों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर राष्ट्रीय स्तर पर विचार-विमर्श के लिए महत्वपूर्ण मंच साबित होगा.
समितियों के दायित्व और कार्ययोजना की समीक्षा
बैठक के दौरान कुलपति ने राष्ट्रीय सम्मेलन के सफल एवं सुचारू आयोजन के लिए प्रस्तावित विभिन्न समितियों और उनके दायित्वों की समीक्षा की. सम्मेलन से जुड़े शैक्षणिक, तकनीकी, प्रशासनिक, लॉजिस्टिक और संगठनात्मक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गयी.
विभिन्न समितियों की जिम्मेदारियों, समयबद्ध कार्ययोजना और आपसी समन्वय के माध्यम से सम्मेलन के सफल आयोजन पर विशेष जोर दिया गया. सभी संबंधित समितियों को अपने-अपने दायित्वों का समयबद्ध और प्रभावी ढंग से निर्वहन करने का निर्देश दिया गया.
सफल आयोजन के लिए समन्वित प्रयास पर जोर
बैठक में विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों, समिति सदस्यों और शिक्षकों ने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए समन्वित एवं प्रभावी प्रयास करने की प्रतिबद्धता जतायी. आयोजन से जुड़े सभी पक्षों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया.
अंत में डॉ. आरके झा, निदेशक प्रसार शिक्षा, आरपीसीएयू, पूसा ने धन्यवाद ज्ञापित किया. उन्होंने कुलपति, डॉ. एचपी सिंह और बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों, समिति सदस्यों एवं शिक्षकों के सक्रिय सहयोग तथा बहुमूल्य सुझावों के लिए आभार व्यक्त किया.
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