Samastipur News: मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के ब्रह्मपुरा में रक्षाबंधन का त्योहार मातम में बदल गया. बहनों जानकी, नीलम और चांदनी की कलाई में राखी बंधवाने की आस लिये भाई सुधीर अब कभी घर नहीं लौटेगा. रक्षाबंधन के दिन सड़क हादसे में उसकी मौत हो गयी. शनिवार की सुबह शव गांव पहुंचते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गयी.
बहनों से कहा था, जल्द घर लौटकर राखी बंधवाऊंगा
बताया गया कि सुधीर अपनी पत्नी को बाइक पर बैठाकर शुक्रवार को विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र के शेरपुर स्थित ससुराल गया था. वहां पहुंचने के बाद उसने अपनी बहनों को फोन कर जल्द घर लौटने की बात कही थी.
बहनें भाई के लौटने और उसकी कलाई पर राखी बांधने का इंतजार कर रही थीं. लेकिन घर लौटने के दौरान विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र के बैसा गाछी के पास सुधीर सड़क हादसे का शिकार हो गया.
मोबाइल की घंटी बजती रही, नहीं मिला भाई का जवाब
हादसे के बाद बहनें लगातार सुधीर के मोबाइल पर फोन करती रहीं. मोबाइल की घंटी बजती रही, लेकिन दूसरी ओर से कोई जवाब नहीं आया.
कुछ देर बाद सुधीर के मोबाइल से ही किसी अनजान व्यक्ति ने बहनों को उसकी मौत की खबर दी. यह सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया. बाद में विद्यापतिनगर पुलिस ने भी मौत की पुष्टि कर दी.
शव पहुंचते ही मचा कोहराम
शनिवार की सुबह जब सुधीर का शव एंबुलेंस से ब्रह्मपुरा गांव पहुंचा तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. रक्षाबंधन की खुशियां देखते ही देखते क्रंदन और चीत्कार में बदल गयीं.
सुधीर के चार छोटे-छोटे बच्चे भी अपने पिता के शव को अपलक निहारते रहे. परिवार के सदस्यों के साथ पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है.
मजदूरी कर परिवार का करता था भरण-पोषण
बताया गया कि सुधीर मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था. उसकी अचानक मौत से पत्नी और चार छोटे बच्चों के सामने परिवार चलाने का संकट खड़ा हो गया है.
घटना की जानकारी मिलने पर विधायक राजेश कुमार सिंह के प्रतिनिधि रविश कुमार सिंह भी गांव पहुंचे और परिजनों को आर्थिक सहयोग दिया. मौके पर जदयू नेता राम कुमार सिंह, उमेश सिंह, सुमंत कुमार, फूलो सदा, मुखिया प्रतिनिधि रंजीत राय तमोली सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे और परिजनों को ढांढस बंधाया.
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