Samastipur News:आइसीटी लैब स्थापित 76 विद्यालय में 13 से 16 अक्टूबर तक होगा माॅक टेस्ट

सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को विभिन्न प्रायोगिक परीक्षाओं की तैयारी भी करायी जा रही है.

Samastipur News:समस्तीपुर : सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को विभिन्न प्रायोगिक परीक्षाओं की तैयारी भी करायी जा रही है. इसके लिए कई तरह के प्रयास किये जा रहे हैं. मेडिकल व इंजीनियरिंग के क्षेत्र में जाने के लिए भी बच्चों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है. 12वीं के बच्चों को इसके लिए मॉक टेस्ट की सुविधा प्रदान की जा रही है, ताकि आइआइटी-जेइ एवं नीट की प्रवेश परीक्षा की तैयारी में उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं हो. बिहार शिक्षा परियोजना के निदेशक के पत्र का हवाला देकर जिला शिक्षा पदाधिकारी कामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने इस संबंध में पत्र जारी किया है. उन्होंने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, लेखा सहायक सह डाटा इंट्री ऑपरेटर को मॉक टेस्ट को लेकर आवश्यक तैयारी करने का निर्देश दिया है. इसके लिए समय सारणी भी तय की गयी है. जानकारी के अनुसार, 13 व 14 अक्टूबर को आइआइटी जेइइ का मॉक टेस्ट तीन पाली में आयोजित की जायेगी. इसके साथ ही 15 व 16 जुलाई को नीट की परीक्षा संबंधित मॉक टेस्ट कराया जायेगा. मॉक टेस्ट तीनों पाली में आयोजित किया जाना है. अभ्यर्थियों को 100 प्रश्न हल करने के लिए दो-दो घंटे का समय दिया जायेगा. प्रथम पाली नौ बजे से 11 बजे तक, द्वितीय पाली में 11:30 बजे से 1:30 बजे तक तथा तृतीय पाली में दो बजे से चार बजे तक टेस्ट आयोजित होगा. तीनों शिफ्ट में अलग-अलग बच्चे का मॉक टेस्ट लिया जायेगा. मॉक टेस्ट का आयोजन उन 76 विद्यालयों में किया जाना है, जहां आइटीसी लैब उपलब्ध है. वैसे हाई स्कूल जहां आइटीसी लैब उपलब्ध नहीं है, उन स्कूल के बच्चों को नजदीक के आइटीसी लैब स्थापित मिडिल स्कूल में मॉक टेस्ट आयोजित होगा. मॉक टेस्ट से पूर्व छात्र-छात्राओं को बैठने की समुचित व्यवस्था की जायेगी, ताकि परीक्षा के संचालन में किस तरह का प्रावधान उत्पन्न न हो. सफल क्रियान्वयन में कंप्यूटर शिक्षक व आइसीटी इंस्ट्रक्टर का सहयोग लिया जायेगा. परीक्षा में विज्ञान के बच्चों को अधिक-से-अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. डीईओ ने बताया कि बच्चों में प्रतियोगी परीक्षा के लिए दक्षता विकसित करने के उद्देश्य से मॉक टेस्ट का आयोजन किया जाना है. विभाग से दिशा-निर्देश प्राप्त हुआ है. मॉक टेस्ट आयोजित किये जाने से बच्चों को मेडिकल एवं इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा देने में काफी सहूलियत होगी. प्लस टू विद्यालय में आयोजित होने वाले मॉक टेस्ट से जिले में पढ़ रहे विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग और डॉक्टर बनने के लिए आयोजित होने वाली ऑनलाइन परीक्षा देने में आसानी होगी. बच्चे ऑनलाइन परीक्षा देने के ज्ञान सीखेंगे, मॉक टेस्ट का परीक्षा परिणाम भी आता है. जिससे विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बीच प्रतिस्पर्धा की भावना भी उत्पन्न होती है, जिससे सफल होने का चांस अधिक होता है. अन्य ऑनलाइन आयोजित होने वाले परीक्षाओं में भी मॉक टेस्ट से विद्यार्थियों को फायदा होगा.

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Author: ABHAY KUMAR

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