Samastipur News: मालिकौर गांव के मां सती मंदिर परिसर में आयोजित संगीतमयी श्रीराम कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. पूरा वातावरण भक्ति रस, भजन-कीर्तन और राम नाम के जयघोष से गुंजायमान रहा.
राम नाम और भजन-कीर्तन से गुंजायमान रहा परिसर
मालिकौर गांव में श्रीरामचरितमानस प्रचार-प्रसार संघ के तत्वावधान में आयोजित कथा स्थल पर दोपहर से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था.
महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की बड़ी संख्या कथा श्रवण के लिए मौजूद रही. श्रद्धालु पूरे श्रद्धाभाव से कथा में शामिल हुए.
कथावाचिका ने अंतःकरण की शुद्धता पर दिया जोर
कथावाचिका देवी अनुराधा सरस्वती जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि मनुष्य को सबसे पहले अपने अंतःकरण को शुद्ध करना चाहिए, तभी सच्चे आनंद की अनुभूति संभव है.
उन्होंने कहा कि रामकथा कामधेनु गाय के समान है, जो जीवन में सुख, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करती है. कथा के दौरान उन्होंने राम नाम के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला.
श्रद्धालुओं के लिए की गई विशेष व्यवस्था
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि आगामी दिनों में श्रीरामचरितमानस के विभिन्न प्रसंगों का संगीतमयी वर्णन किया जाएगा.
कार्यक्रम को सफल बनाने में संघ के अध्यक्ष तरुण जी, नवीन कुमार, विजय राय, रमेश राय, संतोष राय समेत बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं.
श्रद्धालुओं के लिए बैठने, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी समुचित व्यवस्था की गई है.
