Samastipur News:समस्तीपुर : शहर से सटे जितवारपुर स्थित हाउसिंग बोर्ड मैदान में दशमी के दिन रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन होगा. जिला दशहरा समिति द्वारा कार्यक्रम की तैयारी की जा रही है. पंजाबी कॉलोनी स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में रावण के अलावा कुंभकरण, मेघनाथ का पुतला बनाया जा रहा है. इस बार रावण 70 फुट उंचा होगा. जबकि कुंभकरण 50 व मेघनाथ 40 फुट का होगा. इसके साथ ही 100 फुट की परिधि में लंका नगरी का निर्माण होगा. पुतला का निर्माण लगभग पूरा कर लिया गया है. कलाकार पुतला को अंतिम टच देने में लगे हैं. दशहरा समिति के रवि तनेजा, विनोद तनेजा, मुकेश कटारिया, संजय पाहवा, विजय कटारिया, सुमित लिखयानी, संजय बठेजा, अर्पण ने बताया कि दशमी के दिन लक्ष्मी नारायण मंदिर ने राम-लक्ष्मण के साथ जुलूस निकाला जायेगा. जुलूस हाउसिंग बोर्ड मैदान पहुंच कर रावण दहन में शामिल होगा. इस वर्ष संजय गोयका राम व सूरज गोयका लक्ष्मण की भूमिका में होंगे. 1955 से लगातार रावण वध का कार्यक्रम प्रत्येक वर्ष विजयादशमी के दिन किया जाता है. इसको लेकर कारीगर पिछले 15 दिनों से लगातार काम कर रहे हैं. झांकी में राम-लक्ष्मण के साथ ही शिव, हनुमान के अलावा विभिन्न वेशों में राक्षस शामिल होंगे. पुतले को आकर्षक बनाने के लिए लगभग 80 मीटर सफेद और रंग-बिरंगे कपड़ों से पोशाक तैयार की जा रही है. निर्माण कार्य पूरा होने के बाद दहन के दौरान आतिशबाजी और ध्वनि प्रभाव के लिए हजारों रुपये की लागत से अलग-अलग पटाखे लगाये जायेंगे. दुर्घटना से बचाव के लिए पुतले को रिमोट कंट्रोल से जलाने की तैयारी की गयी है. रावण दहन से पूर्व हर वर्ष की तरह इस बार भी देश में शांति और समृद्धि की कामना के लिए मुख्य अतिथि द्वारा कबूतर, नीलकंठ और गुब्बारे छोड़े जायेंगे. सुमित लिखयानी दशहरे का सबसे चर्चित हिस्सा है रावण दहन, यानी रावण के पुतले को जलाना. यह केवल मेले का मनोरंजन नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरी धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक मान्यता हैं. रावण दहन का मुख्य उद्देश्य हमें यह सिखाना है कि चाहे बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंत में सत्य और धर्म की विजय होती है.
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