Samastipur News:इंटर स्कूल बैंड कंपटीशन का आयोजन अगले माह में

एकता एवं देशभक्ति की भावना विकसित करने के उद्देश्य से समग्र शिक्षा के वार्षिक कार्य योजना एवं बजट 2025-26 में इंटर स्कूल बैंड कंपटीशन की गतिविधि कराई जायेगी.

Samastipur News: समस्तीपुर : जिले के सभी सरकारी एवं निजी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय (सीबीएसई, आईसीएसई, केवीएस, एनवीएस, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय,पीएम श्री स्कूल) के विद्यार्थियों में एकता एवं देशभक्ति की भावना विकसित करने के उद्देश्य से समग्र शिक्षा के वार्षिक कार्य योजना एवं बजट 2025-26 में इंटर स्कूल बैंड कंपटीशन की गतिविधि कराई जायेगी. इस गतिविधि के अन्तर्गत स्कूल बैंड कंपटीशन का आयोजन नवम्बर माह के अंतिम सप्ताह में किया जाना प्रस्तावित है. इसको लेकर बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के एसपीडी ने डीईओ व डीपीओ को निर्देश जारी किया है. इसके लिए विद्यालयों की प्रतिभागिता इंटर स्कूल बैंड कंपटीशन में कराने के लिए विद्यालयों का रजिस्ट्रेशन व बैंड टीम में प्रतिभागी बच्चों एवं नोडल शिक्षक से संबंधित सूचना 30 अक्टूबर तक विभाग को उपलब्ध कराने को कहा गया है. राज्य स्तरीय इन्टर स्कूल बैंड प्रतियोगिता (ऑनलाइन) के आयोजन के लिए जिले के बैंड टीम (बालक एवं बालिका वर्ग में पाईप बैंड टीम/ग्रास बैंड टीम) की प्रस्तुति 20 नवंबर तक कराकर इन प्रस्तुतियों से संबंधित 10-15 मिनट का विडियों तैयार किया जायेगा. जिला/विद्यालय स्तर पर कराए गए प्रस्तुतियों से संबंधित विवरण के साथ-साथ 10-15 मिनट का विडियों को राज्य स्तर से उपलब्ध कराये गये गूगल फार्म के माध्यम से 25 नवंबर तक प्रेषित किया जायेगा. इन्टर स्कूल बैंड प्रतियोगिता के विजेता स्कूल बैड टीम को जोनल स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेना है. साथ ही, जोनल स्तरीय प्रतियोगिता के विजेता स्कूल बैंड टीम को राष्ट्रीय इन्टर स्कूल बैंड प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा. डीईओ कामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने बताया कि स्कूल बैंड में अपना वाद्य यंत्र बजाने के अनगिनत फायदे हैं. आपको न केवल संगीत संबंधी लाभ मिलेंगे, बल्कि स्कूल बैंड में शामिल होने से सामाजिक, भावनात्मक, शैक्षणिक और रचनात्मक लाभ भी प्राप्त हो सकते हैं. स्कूल बैंड में वाद्य यंत्र बजाना, इतने सारे लाभों का अनुभव करने का एक दुर्लभ अवसर है और वह भी एक ही जगह पर. स्कूल बैंड संगीत में समान रुचि रखने वाले छात्रों को एक साथ लाने का एक अनूठा तरीका है. स्कूल बैंड में शामिल होने से छात्रों के लिए सार्थक जुड़ाव विकसित करना संभव होता है. स्कूल बैंड, चाहे वे छोटे आकार के ही क्यों न हों, एक ही लक्ष्य के लिए मिलकर काम करने वाले लोगों के समूह से बने होते हैं. इस लक्ष्य में सफलता अक्सर विभिन्न नेतृत्व भूमिकाओं के कारण होती है.

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Published by: Ankur kumar

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