Samastipur News:हसनपुर : प्रखंड के सकरपुरा में रविवार को हिंदी दिवस पर संगोष्ठी हुई. एससीईआरटी विशेषज्ञ प्रियदर्शन राय ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक दिन है. 14 सितंबर 1949 को लंबी बहस के बाद हिंदी को राजभाषा का दर्जा मिला. इस साल का थीम राष्ट्रीय एकता और हिंदी का प्रचार-प्रसार है. कोई शक नहीं कि हिंदी संवैधानिक रूप से राजभाषा है. अघोषित रूप से यह राष्ट्रभाषा का दर्जा हासिल कर चुकी है. उन्होंने कहा कि इसका इतिहास बहुत ही सुदृढ़ और समुन्नत रहा है. अमीर खुसरो के खुशरो रैन सुहाग की जागी पी के संग, तन मेरा मन पीयू का दो भए एक रंग इसके आगे खुसरो और कहते हैं लखुसरो दरिया प्रेम का करो दरिया प्रेम का उतरे जो उतरे सो डूब गया जो डूबे सो पाय. खड़ी बोली के पहले कभी थे, अमीर खुसरो की मान्यता सिर्फ हिंदी पढ़ने वालों के बीच ही नहीं है बल्कि सभी जगह है. उन्होंने उपस्थित लोगों से अधिक से अधिक अपने काम को अपनी बातों को हिंदी में ही प्रस्तुत करने की अपील की. मौके पर संजीव कुमार, विजय कुमार पंडित, सत्यजीत राय, सुमन कुमार, नीरज कुमार यादव, हरि ओम शरण, ऋषि कुमार शर्मा, रामप्रवेश सहनी, उषा कुमारी, कुमार गौरव आदि थे.
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