Samastipur News:डेंगू को लेकर स्वास्थ्य महकमा अलर्ट मोड में

डेंगू को लेकर स्वास्थ्य महकमा अलर्ट मोड में है. इसके संक्रमण को रोकने की कवायद चल रही है.

Samastipur News:समस्तीपुर : डेंगू को लेकर स्वास्थ्य महकमा अलर्ट मोड में है. इसके संक्रमण को रोकने की कवायद चल रही है. स्वास्थ्य विभाग के द्वारा फॉगिंग करायी जा रहा है. वहीं डेंगू संक्रमण की रोकथाम के लिये स्वास्थ्य कर्मियों की मॉक ड्रिल भी करायी गयी है. सदर अस्पताल व सभी अनुमंडलीय अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिये पांच-पांच बेड की व्यवस्था की गयी है. वहीं सभी सीएचसी में दो-दो बेड डेंगू मरीजों के लिये सुरक्षित किये गये है. सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. गिरीश कुमार ने बताया कि फिलवक्त डेंगू के एक भी मरीज नहीं आया है. सदर अस्पताल परिसर पिकू वार्ड के नीचे डेंगू मरीजों के लिये बेड की व्यवस्था की गयी है. डेंगू को लेकर सभी तैयारियां विभागीय निर्देश के आलोक में की गयी है. जरूरी दवायें भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. जांच किट भी उपलब्ध है.

– सदर अस्पताल व अनुमंडलीय अस्पतालों में पांच-पांच बेड डेंगू मरीजों के सुरक्षित

इधर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव ने अस्पतालों में मच्छरदानी युक्त बेड की व्यवस्था करने को कहा है. डेंगू के मरीज जिन इलाकों में अधिक संख्या में पाये जाते हैं, उन इलाकों को चिंहित करते हुये लगातार फॉगिंग कराने को कहा गया है. उन्होंने एंटी लार्वा का भी छिड़काव कराने को कहा है. खासकर उन इलाकों में जहां जलजमाव होता है, वहां लगातार एंटी लार्वा का छिड़काव कराने का निर्देश दिया गया है. स्कूल, कॉलेज, छात्रावास, सरकारी भवन के आसपास जलजमाव होने पर वहां प्राथमिकता के आधार पर एंटी लार्वा का छिड़काव व फॉगिंग कराने को कहा गया है. बाजार में भीड़ वाले इलाके में भी निरंतर फॉगिंग कराने को कहा गया है.सफाई एक्सप्रेस में लगे ऑडियो के जरिये डेंगू से बचाव के संबंध में जागरूकता फैलाने को कहा गया है. सभी अस्पतालों में रांउड द क्लॉक प्लेटलेट्स की उपलब्धतता सुनिश्चित रखनी है. डीएस ने बताया कि डेंगू के लक्षण दिखते ही मरीज को तुरंत इसकी जांच करानी चाहिये. उन्होंने बताया कि डेंगू एडिस मच्छर के काटने से होता है. यह मच्छर साफ और स्थिर पानी पर पनपता है. इस कारण घर में व आसपास स्थिर पानी जमा नहीं होने दें.

इसके लक्षण

डेंगू में तेज बुखार, शरीर, सिर व जोड़ों में दर्द के साथ आंखों के पीछे दर्द होता है. त्वचा पर लाल धब्बे या चकते का निशान, नाक, मसूढ़े से उल्टी के साथ रक्तस्राव होता है. काला पैखाना होता है.

बचाव के उपाय

रात और दिन हमेशा सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें. पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहने, मच्छर भगाने वाली दवा, क्रीम आदि का उपयोग करें. घर में आसपास टूटे फूटे बर्तन, कुलर, फ्रिज के पानी निकासी ट्रे, पानी टंकी, गमला, फूलदान, घर के अंदर और आसपास पानी नहीं जमने दे. जमे पानी में कीटनाशक व मिट्टी का तेल डालें. फॉगिंग कराये.

वर्जन

डेंगू संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह सर्तक है. मॉक ड्रिक करायी गयी है. फॉगिंग करायी जा रही है. सदर व अनुमंडलीय अस्पतालों में विभागीय निर्देश के आलोक में पांच-पांच बेड और सभी सीएचसी में दो-दो बेड डेंगू मरीजों के लिये सुरक्षित किया गया है. लोगों के बीच जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है.

डॉ. संजय कुमार चौधरी, सिविल सर्जन, समस्तीपुर

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