मोहिउद्दीननगर स्वास्थ्य शिविर: गंगा और वाया नदियों के जलजमाव से प्रभावित मोहिउद्दीननगर प्रखंड के कई पंचायतों में अब जल-जनित और फफूंद जनित बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है. प्रभावित इलाकों के लोगों ने जलजमाव के कारण प्रदूषित पानी से पीलिया और टायफाइड जैसी बीमारियों की शिकायत की है. वहीं लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण फफूंद जनित रोगों के फैलने की बात भी सामने आई है. लोगों की समस्याओं को देखते हुए सोमवार से प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाने की तैयारी की गई है.
रविवार को विधायक राजेश कुमार सिंह के प्रतिनिधि रवीश कुमार सिंह ने प्रखंड क्षेत्र के कई पंचायतों का दौरा कर प्रभावित लोगों की समस्याएं सुनीं. लोगों ने बताया कि जलजमाव से उनकी परेशानी लगातार बढ़ रही है. दूषित पानी और गंदगी के कारण बीमारी फैलने का डर बना हुआ है.
इन पंचायतों के प्रभावित वार्डों में लगेंगे मेडिकल कैंप
विधायक प्रतिनिधि ने लोगों की शिकायत सुनने के बाद प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार से बातचीत की. उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था करने की मांग की.
कुरसाहा पंचायत के वार्ड 14, रासपुर पतसिया पूरब पंचायत के वार्ड 6, बोचहा पंचायत के वार्ड 6, बाहापर और बाहापुर के अलावा हरैल पंचायत के चापर व आंदगोलवा में मेडिकल जांच शिविर लगाने की बात कही गई है.
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने आश्वस्त किया कि सोमवार से चिन्हित स्थानों पर स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जाएंगे. इन शिविरों में प्रभावित लोगों की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी है.
ब्लीचिंग पाउडर और क्लोरीन टैबलेट की जरूरत
प्रभावित इलाकों में बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए साफ-सफाई और सुरक्षित पेयजल पर भी जोर दिया गया है. विधायक प्रतिनिधि ने जलजमाव वाले क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराने और लोगों के बीच क्लोरीन टैबलेट वितरित करने की आवश्यकता बताई.
लंबे समय तक जमा पानी के कारण गंदगी और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. ऐसे में प्रभावित परिवारों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना और स्वास्थ्य विभाग की नियमित निगरानी जरूरी मानी जा रही है.
खतरे के निशान से 0.85 मीटर ऊपर है गंगा
इधर, राहत की बात यह है कि गंगा नदी के जलस्तर में लगातार कमी दर्ज की जा रही है. जल संसाधन विभाग के मोहनपुर प्रखंड स्थित सरारी कैंप पर तैनात सहायक अभियंता मनीष कुमार गुप्ता के अनुसार रविवार को गंगा का जलस्तर 46.35 मीटर दर्ज किया गया.
यह जलस्तर खतरे के निशान 45.50 मीटर से अभी भी 0.85 मीटर ऊपर है. हालांकि रोजाना 10 से 20 सेंटीमीटर तक जलस्तर में कमी दर्ज की जा रही है और नदी के जलस्तर की प्रवृत्ति घटने की बताई गई है.
जलस्तर घटने से लोगों को राहत की उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन कई इलाकों में जमा पानी और उससे पैदा हो रहे स्वास्थ्य संकट ने चिंता बढ़ा दी है. प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के सामने अब जलजमाव प्रभावित क्षेत्रों में बीमारी के फैलाव को रोकना बड़ी चुनौती है.
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