MDM Scheme in Samastipur:एमडीएम योजना के संचालन से मुक्त होंगे प्रधानाध्यापक

विद्यालयों में एमडीएम संचालन की जिम्मेवारी बदलने का निर्णय शिक्षा विभाग द्वारा लेने के बाद भी शिक्षकों में आक्रोश है.

MDM Scheme in Samastipur:समस्तीपुर : विद्यालयों में एमडीएम संचालन की जिम्मेवारी बदलने का निर्णय शिक्षा विभाग द्वारा लेने के बाद भी शिक्षकों में आक्रोश है. शिक्षा विभाग ने सरकारी प्रारंभिक विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना के सफल संचालन के लिए एचएम अथवा प्रधान शिक्षक के स्थान पर किसी अन्य शिक्षक को जिम्मेवारी सौंपने का निर्णय लिया है. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने इस संबंध में डीईओ व एमडीएम डीपीओ को पत्र भेजा है.

पायलट प्रोजेक्ट : सरायरंजन प्रखंड के 154 विद्यालय में 13 मई से 13 जून तक होगा लागू

एचएम का मुख्य कार्य विद्यालय का शैक्षणिक गतिविधियों के सफल संचालन की जिम्मेवारी होगी. इसके लिए जिले के एक प्रखंड में 13 मई से 13 जून तक पायलट प्रोजेक्ट चलाया जाएगा. डीपीओ एमडीएम सुमित कुमार सौरभ ने बताया कि मध्याह्न भोजन के लिए पायलट प्रोजेक्ट के लिए सरायरंजन प्रखंड का चयन किया गया है. सरायरंजन के 154 विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना चलायी जा रही है. विभागीय प्रावधान के अनुसार बैंक खाता खुलवाने का आदेश एमडीएम बीआरपी को दिया गया है. मध्याह्न भोजन योजना के सफल संचालन के लिए मध्याह्न भोजन योजना प्रभारी शिक्षक का चयन मुख्यालय स्तर से ई-शिक्षाकोष के माध्यम से किया जायेगा. चयनित शिक्षक का मूल कार्य मध्याह्न भोजन का सफल संचालन कराना ही होगा. प्रत्येक दिन केवल तीन घंटी अध्ययन-अध्यापन का कार्य करेंगे. विद्यालय शिक्षा समिति के सचिव व नामित मध्याह्न भोजन प्रभारी के द्वारा बैंक खाता का संचालन किया जायेगा. यदि एक महीने में यह योजना सही व प्रभावी साबित हुई, तो सभी प्रखंडों में इसे लागू कर दिया जायेगा. क्योंकि, मध्याह्न भोजन प्रधानाध्यापक के कंधों पर होने के कारण विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था का कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा था, जिसे देखते हुए यह योजना लागू की जा रही है. अपर मुख्य सचिव ने जारी निर्देश में कहा है कि मध्याह्न भोजन योजना के प्रभार में रहे शिक्षक हर दिन मध्याह्न भोजन योजना से लाभान्वित बच्चों की भोजन करते तस्वीर लेंगे और इसे तिथिवार मेंटेन करेंगे. प्रभारी शिक्षक का मूल कार्य मध्याह्न भोजन का सही से संचालन करना होगा. यदि विद्यालय का कोई शिक्षक इसका प्रभार लेने से मना करता है, तो इसके लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवेदन देना होगा. इसके बाद डीइओ द्वारा किसी अन्य शिक्षक को इसका प्रभार दिया जायेगा.

बेहतर शिक्षा के लिए एचएम और शिक्षकों को लेनी होगी जिम्मेवारी

डीपीओ एमडीएम का कहना है कि विद्यालय के बच्चों को बेहतर शिक्षा देने एवं छात्र छात्राओं का शत प्रतिशत विद्यालय में उपस्थिति बढ़ाने पर चर्चा करते हुए प्रधानाध्यापकों से समस्याओं के बारे मे जानकारी लेने के बाद यह निर्णय लिया गया है. प्रधानाध्यापकों शिक्षकों को विद्यालय में बेहतर शिक्षा बहाल के लिए जिम्मेदारी लेनी होगी, शिक्षक अभिभावकों के साथ बैठक कर शिक्षा के प्रति जागरूक कर बच्चों को विद्यालय भेजने का प्रेरित करें. विद्यालय में बेहतर माहौल बनाने के लिए विद्यालय की साफ सफाई के साथ बच्चों को स्वच्छ वातावरण बनाना होगा. शिक्षा विभाग ने छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराने के लिए समय सारणी तैयार किया है. विभाग की ओर से तैयार की गई समय सारणी के अनुरूप विद्यालय में पढ़ाई होगी.

– एमडीएम योजना के संचालन की जिम्मेवारी उसी विद्यालय के एक शिक्षक मिलेगी

विभाग द्वारा जारी किए गए पाठ टीका पर चर्चा के लिए विद्यालय की शैक्षणिक अवधि समाप्त होने के बाद शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों के बीच करने का निर्देश दिया गया है. जिसमें अगले दिन होने वाली पढ़ाई पर आधारित चर्चा करनी है. जिससे छात्रों को नियमित रूप से समय सारणी के अनुरूप पढ़ाया जा सके. इसकी निगरानी करने की जिम्मेवारी एचएम को दी गयी है. स्कूलों में जांच के दौरान ऐसा देखा गया है कि विद्यालयों में समय सारणी के अनुरूप एवं पाठ टीका के अनुसार विद्यालय के शैक्षणिक व्यवस्था का संधारण नहीं हो रहा है. साथ ही छात्रों को जिस सिलेबस के अनुसार पढ़ाई करना है उसको ध्यान में नहीं रखा जा रहा है. जिसके चलते छात्रों को विषय मे पकड़ नही हो रही है. इन्ही कारणों को देखने के बाद विभाग ने संज्ञान लिया है.

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Author: PREM KUMAR

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