समस्तीपुर सरकारी स्कूल: रोसड़ा प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय मर्राजीव के प्रधानाध्यापक राज कुमार महतो को गंभीर वित्तीय अनियमितता, प्रशासनिक लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है. निलंबन के साथ ही उन्हें विभागीय कार्रवाई के अधीन किया गया है.
निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर हुई कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी रोसड़ा की ओर से विद्यालय के स्थलीय निरीक्षण के बाद रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी थी. इसी रिपोर्ट के आधार पर प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा गया था.
निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी उनका स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं हुआ. इसके बाद सामने आये आरोपों और प्रशासनिक स्तर पर हुई समीक्षा के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गयी.
समग्र शिक्षा की राशि के दुरुपयोग का आरोप
जांच रिपोर्ट में प्रधानाध्यापक पर समग्र शिक्षा अभियान की राशि के दुरुपयोग और यूथ क्लब की राशि के गबन का आरोप लगाया गया है. इसके अलावा विद्यालय शिक्षा समिति की बैठक नहीं कराने की बात भी जांच में सामने आने का उल्लेख है.
रिपोर्ट के अनुसार, भंडार पंजी समेत विद्यालय में रखी जाने वाली अन्य आवश्यक पंजियों का भी समुचित संधारण नहीं किया गया. अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी आयोजित नहीं करने का आरोप भी लगाया गया है.
शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित होने की बात
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जांच में सामने आये इन मामलों का असर विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों पर पड़ने की बात कही गयी है. इन कृत्यों को बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1976 के प्रावधानों के विपरीत माना गया है.
स्पष्टीकरण नहीं मिलने और आरोपों के संतोषजनक तरीके से स्पष्ट नहीं होने के बाद विभाग ने बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत कार्रवाई की.
पटोरी बीआरसी में रहेगा मुख्यालय
निलंबन के दौरान राज कुमार महतो का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र, पटोरी निर्धारित किया गया है. उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा.
आदेश में यह भी कहा गया है कि पत्र प्राप्त होते ही प्रधानाध्यापक विद्यालय का संपूर्ण प्रभार वहां के वरीयतम शिक्षक को सौंपना सुनिश्चित करें.
अलग से गठित होगा आरोप-पत्र
निलंबन के साथ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की गयी है. मामले में प्रधानाध्यापक के विरुद्ध अलग से आरोप-पत्र गठित किया जाएगा. इसके बाद विभागीय प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी.
फिलहाल निलंबन आदेश में जांच रिपोर्ट में दर्ज वित्तीय, प्रशासनिक और अनुशासन संबंधी आरोपों को कार्रवाई का आधार बनाया गया है.
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