शहर में सफाई के दावों की पोल खोल रहा सड़क पर जमा कचरा

शहर की आबादी हर रोज साठ से सत्तर टन कूड़ा कचरा दे रही है, इसमें एक तिहाई प्लास्टिक कचरे का ही निस्तारण होता है.

फोटो संख्या : निगम के वार्ड 30 राजखंड मोहल्ला में सड़क किनारे जमुआरी नदी में कचरा का ढेर प्रतिनिधि, समस्तीपुर: शहर की आबादी हर रोज साठ से सत्तर टन कूड़ा कचरा दे रही है, इसमें एक तिहाई प्लास्टिक कचरे का ही निस्तारण होता है. जबकी, तीन तिहाई कचरा यत्र तत्र अस्थायी डंपिंग जोन में जमा है. जिसमें यदा कदा सुनियोजित या बिना सोचे समझे आग लगा दी जाती है. लापरवाही उजागर होने के बाद भी आउससोर्सिंग एजेसियों के खिलाफ जिम्मेदार मौन हैं. निगम प्रशासन की ओर से हर माह साफ सफाई मद में 1 करोड़ रुपये से अधिक व्यय किया जा रहा है. प्रत्येक वार्डों में सफाई कर्मी तैनात है. इसके बाबजूद यत्र तत्र गंदगी का अंबार जमा है. निगम प्रशासन की ओर से शहर को चार अलग अलग जोन में बांटकर आउटसोर्सिंग एजेंसियों को साफ सफाई की जिम्मेदारी दी गयी है. साथ ही निगम प्रशासन की ओर से उन्हें संसाधन भी मुहैया कराया गया है. लेकिन, आउटसोर्सिंग एजेंसियों सिर्फ खानापूर्ति कर रही है. गली मोहल्लों से निकलने वाले कूड़ा कचरा का उठाव कर बाजार के दो तीन किलोमीटर दूर ले जाकर सड़क किनारे या अस्थायी डंपिंग क्षेत्र में जमा किया जा रहा है, इस कारण उस इलाके में रहने वाले को काफी परेशानी हो रही है. निगम के आउटसोर्सिंग एजेंसी के द्वारा शहर के सोनवर्षा चौक स्थित कन्हैया पोखर, राजखंड वार्ड 30 जमुआरी नदी, जितवापुर बाइपास सड़क किनारे, वार्ड 03 गरुआरा चौर समेत अन्य स्थानों पर अस्थायी डंपिंग जोन बनाया गया है, जहां प्लास्टिक कचरे को जमा किया जा रहा है. जो शहर की स्वच्छता-सुंदरता पर दाग लगा रहा है. डंप हो रहे कूड़े में अधिकतर प्लास्टिक कचरा है और गर्मियों में यह अक्सर सुलगना शुरु हो जाता है. नालों से उड़ाही कर निकाले गए गंदगी को भी अस्थाई डंपिंग जोन में कचरे के ढेर पर गिराया जा रहा है. इसके कारण बरसात में कचरे के ढेर से दुर्गंध निकलती रहती है. नतीजा नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. डपिंग क्षेत्र के आसपास के घरों में लोगों को दुर्गंध से जीना मुहाल है. ज्ञात हो कि निगम प्रशासन की ओर से धर्मपुर टचिंग ग्राउंड में कचरा प्रबंधन के लिए एमआरएफ प्लांट स्थापित किया गया है. इसके अलावे गीला कचरा से खाद बनाने के लिए धर्मपुर टंचिंग ग्राउंट और कोरबद्धा महादेव चौक पर कम्पोस्ट पीट स्थापित किया गया. लेकिन, जिस मात्रा में शहर में कचरा का उठाव किया जा रहा है, उस हिसाब से यह व्यवस्था नाकाफी है. निगम के स्वच्छता पदाधिकारी विवेक कुमार ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र का काफी विस्तार हो चुका है. इसके अनुरुप अबतक टचिंग ग्राउंड के लिए कोई स्थाई जगह नहीं मिल पाई है. जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा. ज्ञातव्य हो कि निगम प्रशासन द्वारा शहर को चार अलग अलग जोन में बांटकर आउटससोर्सिंग ऐजेंसी के माध्यम से साफ सफाई का काम कराया जा रहा है. करीब साठ से सत्तर टन रोजाना कचरे का उठाव किया जा रहा है. ——————————— निगम के साफ सफाई के लिए उपलब्ध संसाधन ट्रैक्टर : 3 बड़ा, 2 छोटा जेसीबी: 01 टीपर : 14 स्थाई सफाई कर्मी : 47 दैनिक सफाई कर्मी : 550 ठेला : 100

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Published by: Ankur kumar

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