समस्तीपुर के इस प्रखंड में गंगा नदी खतरे के निशान के पार, नाव के सहारे लोगों की जिंदगी

मोहिउद्दीननगर और मोहनपुर में गंगा व वाया नदी का पानी लगातार बढ़ रहा है. गंगा का जलस्तर 48.20 मीटर पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से 2.70 मीटर ज्यादा है. 70 से अधिक स्कूल बंद किये गये हैं और दोनों प्रखंडों में 149 नावें चलायी जा रही हैं.

समस्तीपुर गंगा जलस्तर: मोहिउद्दीननगर प्रखंड क्षेत्र से गुजर रही गंगा नदी का पानी अब तक के रिकॉर्ड स्तर को पार कर गया है. लगातार बढ़ रहे पानी से मोहनपुर और मोहिउद्दीननगर प्रखंड की हजारों आबादी की परेशानी बढ़ गयी है. ग्रामीण सड़कों पर पानी बहने से आने-जाने में भी काफी दिक्कत हो रही है. कई जगहों पर लोगों को नाव के सहारे सुरक्षित जगहों तक जाना पड़ रहा है.

पीने के पानी की समस्या

मोहिउद्दीननगर दक्षिणी और करीमनगर पंचायत भी प्रभावित हुई हैं. कई घरों में गंगा और वाया नदी का पानी घुस गया है. ऐसे में लोग अपने मवेशियों के साथ ऊंची जगहों और बांध पर रहने को मजबूर हैं. पीने के पानी और पशुओं के चारे की भी परेशानी शुरू हो गयी है.

प्रशासन बाढ़ प्रभावित इलाकों पर लगातार नजर रख रहा है. राहत और बचाव के काम में भी तेजी लायी गयी है.

48.20 मीटर पहुंचा गंगा का पानी

गंगा के सरारी कैंप पर तैनात जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता मनीष कुमार गुप्ता ने रविवार को बताया कि गंगा का जलस्तर 48.20 मीटर तक पहुंच गया है. यह खतरे के निशान 45.50 मीटर से 2.70 मीटर ज्यादा है. उन्होंने बताया कि जलस्तर अभी बढ़ रहा है.

डुमरी बांध का रिसाव ठीक किया गया

मोहनपुर प्रखंड क्षेत्र में गंगा के डुमरी बांध में शनिवार की देर रात रिसाव होने लगा था. इसकी जानकारी मिलने के बाद जल संसाधन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने काफी मेहनत के बाद रिसाव को ठीक किया. रिसाव की खबर से आसपास के ग्रामीणों में डर का माहौल बन गया था. काम की निगरानी जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता ने की.

वहीं, धर्मपुर स्थित रिंग बांध पर अचानक पानी का दबाव बढ़ने की सूचना अधिकारियों को मिली. इसके बाद बांध के कमजोर हिस्से पर बैग डालकर उसे ठीक किया गया. इसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली.

70 से अधिक स्कूल किये गये बंद

गंगा और वाया नदी का पानी बढ़ने से पढ़ाई पर भी असर पड़ा है. बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा को देखते हुए कई स्कूलों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है.

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सृष्टि सागर ने बताया कि मोहिउद्दीननगर में 45 स्कूल पूरी तरह बंद कर दिये गये हैं. वहीं, 15 स्कूलों को आंशिक रूप से बंद किया गया है.

मोहनपुर के बीईओ राजू कुमार ने बताया कि गंगा से प्रभावित 20 से अधिक स्कूलों को बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए बंद किया गया है.

बच्चों को लेकर लगातार लोगों को किया जा रहा जागरूक

गंगा और वाया में पानी बढ़ने से इलाके में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं. बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन माइकिंग के जरिये लोगों को सावधान कर रहा है.

लोगों से कहा जा रहा है कि छोटे बच्चों को पानी जमा वाले इलाकों में अकेले न जाने दें. पानी से भरे गड्ढों, नालों, सोतों और पानी में डूबे रास्तों के आसपास भी सावधानी बरतें. प्रशासन की ओर से लोगों से बच्चों पर लगातार नजर रखने की अपील की जा रही है.

पशुपालकों के लिए शुरू हुआ सामुदायिक किचन

बाढ़ के कारण सुरक्षित जगहों पर रह रहे पशुपालकों के लिए सामुदायिक किचन शुरू किया गया है. सीओ विवेक कुमार सिंह और संतोष कुमार ने बताया कि मोहिउद्दीननगर में छह और मोहनपुर के पशुपालकों के लिए पांच जगहों पर सामुदायिक किचन चलाया जा रहा है.

अलग-अलग जगहों पर रह रहे पशुपालकों के बीच सूखा चारा भी बांटा गया है. पशुपालन विभाग की ओर से पशु चिकित्सा शिविर लगाये जा रहे हैं. दोनों प्रखंडों में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए मेडिकल कैंप भी लगाये जा रहे हैं.

मोहिउद्दीननगर में 84 और मोहनपुर में 65 नावें चल रहीं

सीओ विवेक कुमार सिंह ने बताया कि लोगों को आने-जाने में हो रही परेशानी को देखते हुए मोहिउद्दीननगर अंचल में फिलहाल 84 नावें चलायी जा रही हैं. जिन इलाकों में नाव की जरूरत है, वहां प्राथमिकता के आधार पर नाव चलाने का निर्देश दिया गया है.

मोहनपुर में भी 65 नावों का परिचालन किया जा रहा है.

बाढ़ प्रभावितों को दी जा रही पॉलीथिन शीट

गंगा और वाया नदी का पानी बढ़ने से प्रभावित लोगों के बीच स्थानीय प्रशासन पॉलीथिन शीट भी बांट रहा है. अधिकारियों ने बताया कि पॉलीथिन शीट की कमी नहीं है. जरूरत के हिसाब से लोगों को इसे उपलब्ध कराया जा रहा है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला स्तर के वरीय अधिकारियों के लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने से राहत और बचाव के काम में तेजी आयी है. इससे बाढ़ से परेशान लोगों को भी राहत की उम्मीद बढ़ी है.

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By Girija nandan sharma

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