Samastipur News: समस्तीपुर : सब कुछ महंग भेलयी, आमदनी कम गेलयी, कइसे करबई छठ के बरत गे भाई. कुछ ऐसी ही कविताओं से गूंजता रहा केन्द्रीय विद्यालय समस्तीपुर के निकट स्थित कुसुम सदन का प्रांगण. मौका था कुसुम पाण्डेय स्मृति साहित्य संस्थान के तत्वावधान में आयोजित काव्य संध्या का. डॉ. रामेश गौरीश ने उपस्थित सभी रचनाकारों का स्वागत किया. अध्यक्षता रेल के पूर्व राजभाषा अधिकारी भुवनेश्वर मिश्र ने की. संचालन गजलकार प्रवीण कुमार चुन्नू ने किया. आचार्य गंगा प्रसाद आजाद सतमलपुरी व सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार राज कुमार राय राजेश विशिष्ट अतिथि के रूप में विराजमान रहे. कार्यक्रम के प्रारंभ में संस्था के अध्यक्ष शिवेंद्र कुमार पाण्डेय ने अक्टूबर माह में उत्पन्न हिन्दी साहित्य के मनीषियों के व्यक्तित्व व कृतित्व पर चर्चा की. राष्ट्र निर्माता सरदार वल्लभ भाई पटेल, लाल बहादुर शास्त्री व महात्मा गांधी के सद्गुणों व बलिदान का स्मरण कराते उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. साथ ही आज की ही तिथि में दिवंगत कुसुम पाण्डेय का सादर स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि दी गई. प्रारंभ डॉ. राम सूरत प्रियदर्शी के सरस्वती वंदना व छठी मैया के गीत से हुई. कार्यक्रम में छठ, देशप्रेम, हास्य-व्यंग्य, गजल आदि की हिंदी, भोजपुरी, मैथिली में रचनाएं विशेष रूप से गुदगुदाती रही. विष्णु कुमार केडिया, शिवेंद्र कुमार पाण्डेय, प्रवीण कुमार चुन्नू, राज कुमार चौधरी, दिनेश प्रसाद, दीपक कुमार श्रीवास्तव, राज कुमार राय राजेश, डॉ राम सूरत प्रियदर्शी, भुवनेश्वर मिश्र, डॉ परमानंद लाभ, डॉ गंगा प्रसाद आजाद सतमलपुरी आदि ने खूब मनोरंजन कराये. कार्यक्रम के मध्य में डॉ. परमानन्द लाभ की नवीनतम कृति कार्तिक का समवेत रुप में लोकार्पण किया गया.
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