Samastipur News: समस्तीपुर : जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले प्रत्येक बच्चे को अब मॉनीटर बनने का अवसर दिया जायेगा. एक क्लास में दो मॉनीटर होंगे. लड़कों के लिए हेड ब्वॉय और लड़कियों के लिए हेड गर्ल मॉनीटर की भूमिका में होंगी. दरअसल क्लास में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने व उपस्थिति पर नजर रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के निर्देश के बाद जिला शिक्षा कार्यालय ने स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति को लेकर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों और प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया है. आदेश में कहा गया है कि सरकारी स्कूलों में बच्चों की हर दिन उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य होगा. क्लास में कौन बच्चे प्रत्येक दिन स्कूल आ रहें हैं, वर्ग शिक्षक के अलावा क्लास के मॉनिटर भी इसकी रिपोर्ट तैयार करेंगे. जिला शिक्षा कार्यालय ने स्कूलों के प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापकों को एक क्लास में दो मॉनीटर बनाने का निर्देश दिया है. साथ ही क्लास के सभी बच्चों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए एक मॉनीटर को एक महीने का ही समय दिया जायेगा. इसके बाद अगले महीने से अलग-अलग बच्चों को मॉनीटर की जिम्मेदारी सौंपी जायेगी. प्रत्येक माह मॉनीटर का चयन करने की जिम्मेदारी क्लास टीचर्स की ही होगी. वही अब हर क्लास में क्लास मॉनिटर यह देखेंगे कि रोजाना पढ़ाई सही ढंग से हो रही है या नहीं. अभी तक यह रिपोर्ट सिर्फ प्रधानाध्यापक और प्रधान शिक्षक देते थे, लेकिन अब इसमें छात्रों की भी भूमिका होगी. सरकारी स्कूलों में प्रतिदिन क्या पढ़ाई हो रही है, शिक्षा विभाग पहले से निगरानी रख रहा है. शिक्षा विभाग से मिले निर्देश के बाद जिला शिक्षा कार्यालय ने इस संबंध में स्कूलों को दिशा-निर्देश जारी किया है. शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार हो इसलिए अब वर्ग मॉनिटर का सहयोग लिया जायेगा. डीईओ कामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने बताया कि अब प्रतिदिन हर वर्ग में किस शिक्षक ने क्या पढ़ाया और क्या होमवर्क दिया, पिछले गृहकार्य का निरीक्षण किया या नहीं, कंप्यूटर शिक्षक ने कंप्यूटर पढ़ाया या नहीं, खेल वाली घंटी में खेल हुआ या नहीं, आईसीटी लैब, पुस्तकालय का प्रयोग हुआ या नहीं. साथ ही बच्चे अपने शिक्षक की पढ़ाई से संतुष्ट हैं या नहीं, वर्ग मॉनिटर इसकी सूची भी तैयार कर एचएम को समर्पित करेंगे. प्रतिदिन वर्ग मॉनिटर से प्राप्त उस सूची को प्रधानाध्यापक विभाग से संबंधित वरीय अधिकारी को रिपोर्ट करेंगे. विदित हो कि स्कूलों के निरीक्षण के क्रम में ऐसा पाया जा रहा है कि स्कूलों में पूर्व से बने छात्र संसद व वर्ग मॉनिटर की अवधारणा का पालन नहीं किया जा रहा है. इससे स्कूलों के गुणवत्तापूर्ण संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है.
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