Samastipur News:स्वास्थ्य विभाग के आदेशों की अनदेखी करना सिविल सर्जन को पड़ा भारी, डॉक्टर की प्रतिनियुक्ति रद्द

बिहार लोक शिकायत निवारण अधिनियम के तहत एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए, सक्षम प्राधिकार ने समस्तीपुर के सिविल सर्जन द्वारा जारी एक प्रतिनियोजन आदेश को निरस्त कर दिया है.

Samastipur News:समस्तीपुर : बिहार लोक शिकायत निवारण अधिनियम के तहत एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए, सक्षम प्राधिकार ने समस्तीपुर के सिविल सर्जन द्वारा जारी एक प्रतिनियोजन आदेश को निरस्त कर दिया है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि सिविल सर्जन ने विभागीय निर्देशों का उल्लंघन कर डॉ. मो. हैदर का प्रतिनियोजन किया है. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कल्याणपुर में पदस्थापित डॉ. मो. हैदर ने लोक शिकायत निवारण कार्यालय में परिवाद दायर किया था. उनका आरोप था कि विभागीय वरीयता की अनदेखी करते हुए उनसे कनीय चिकित्सक को पीएचसी कल्याणपुर का प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी दिया गया है. साथ ही, उन्हें नियमों के विरुद्ध सिविल सर्जन कार्यालय में प्रतिनियुक्त कर दिया गया. सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि सिविल सर्जन ने डॉ. हैदर को सिविल सर्जन कार्यालय में कार्य करने हेतु एक पुराने पत्र (पत्रांक-1294, दिनांक 29 जुलाई 2025) का हवाला देकर प्रतिनियुक्त किया है.अथॉरिटी ने जांच में पाया कि अस्थाई आदेश का गलत उपयोग किया गया है. जिस पत्र का हवाला दिया गया, वह केवल बाढ़ या पर्व-त्योहार जैसी आपातकालीन स्थितियों के लिए था, न कि स्थायी प्रतिनियुक्ति या स्थानांतरण के लिए. विभाग की अनुमति का अभाव पाया गया. सिविल सर्जन ने डॉ. हैदर के स्थानांतरण के लिए स्वास्थ्य विभाग, बिहार से घटनोत्तर स्वीकृति मांगी थी, जो अब तक अप्राप्त है. आदेश में यह भी रेखांकित किया गया कि वर्तमान में न तो बाढ़ की स्थिति है और न ही कोई अन्य आपदा, फिर भी नियमों को ताक पर रखकर स्थानांतरण किया गया है. इस मसले में लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी का कड़ा फैसला सुनाया है. प्राधिकारी ने सिविल सर्जन, समस्तीपुर के ज्ञापांक-3705 (दिनांक 06 अक्टूबर 2025) को पूरी तरह से निरस्त कर दिया है. आदेश में कहा गया है कि डॉ. हैदर अपने मूल पदस्थापन स्थल (पीएचसी कल्याणपुर) पर ही पूर्व की भांति कार्य करते रहेंगे. सिविल सर्जन को निर्देशित किया गया है कि वे भविष्य में स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का गंभीरता से पालन करें और बिना विभागीय अनुमति के कोई भी स्थानांतरण नहीं करें. सिविल सर्जन को एक सप्ताह के भीतर इस आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया गया है. कहा गया है कि यह स्पष्ट है कि विभागीय आदेशों की अवहेलना कर चिकित्सक को उनके मूल पद से हटाया गया है. प्रशासन की दृष्टि से यह अनुचित है, इसलिए इस कार्रवाई को तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाता है.

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