Samastipur News: प्रखंड क्षेत्र समेत पूरे जिले में बाल विकास परियोजना के कर्मियों के तबादले का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है. जिलाधिकारी के आदेश के करीब 20 दिन बाद भी महिला पर्यवेक्षक, डाटा ऑपरेटर और प्रखंड समन्वयकों को विरमित नहीं किए जाने से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.
154 कर्मियों के तबादले का जारी हुआ था आदेश
जानकारी के अनुसार, 25 जून को पत्रांक 1120 के तहत जिले के 116 महिला पर्यवेक्षक, 22 डाटा ऑपरेटर और 16 प्रखंड समन्वयकों के तबादले का आदेश जारी किया गया था. आदेश के अनुसार, पत्र प्राप्ति के एक सप्ताह के भीतर संबंधित कर्मियों को नई जगह पर योगदान देना था.
अब तक नहीं हुई विरमित करने की कार्रवाई
तबादला आदेश के बावजूद संबंधित परियोजना कार्यालयों की ओर से कर्मियों को अब तक विरमित नहीं किया गया है. अन्य विभागों में तबादला आदेश के अनुसार कार्रवाई होने के बावजूद बाल विकास परियोजना में देरी को लेकर लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं.
पोषाहार वितरण कार्य का दिया जा रहा हवाला
स्थानीय लोगों का कहना है कि पोषाहार की राशि का आवंटन लंबित है. टीएचआर (टेक होम राशन) वितरण और उससे जुड़े हिसाब-किताब का कार्य पूरा होने के बाद ही कर्मियों को विरमित किए जाने की संभावना जताई जा रही है.
हालांकि, इस संबंध में विभागीय अधिकारी कोई आधिकारिक जानकारी देने से बच रहे हैं. वहीं कर्मियों का कहना है कि जब तक उन्हें संबंधित अधिकारियों की अनुमति नहीं मिलेगी, वे नए पदस्थापन स्थल पर योगदान नहीं दे सकते.
प्रशासनिक व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
तबादला आदेश के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से जिलाधिकारी के निर्देशों के पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं. लोगों का कहना है कि समय पर आदेश का अनुपालन नहीं होने से प्रशासनिक व्यवस्था की प्रभावशीलता प्रभावित होती है.
