अंकों की दौड़ से अलग नई शुरुआत, ताजपुर के बच्चे अब प्रयोग और इनोवेशन से सीखेंगे विज्ञान

समस्तीपुर के दिल्ली इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, ताजपुर ने शिक्षा को किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर प्रयोग और नवाचार से जोड़ने की अनूठी पहल की है. 'यंग साइंटिस्ट ग्रुप' के गठन से बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और समस्या-समाधान की क्षमता विकसित की जा रही है.

Samastipur News: शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान और अंकों तक सीमित रखने के बजाय प्रयोग, जिज्ञासा और नवाचार से जोड़ने की दिशा में दिल्ली इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, ताजपुर ने नई पहल शुरू की है. विद्यालय ने कक्षा VI से X तक के विद्यार्थियों के लिए ‘यंग साइंटिस्ट ग्रुप’ का गठन किया है. इसका उद्देश्य बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक सोच, रचनात्मकता और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करना है.

कक्षा VI से X तक के विद्यार्थियों को टीमों में बांटा गया

पहल के तहत प्रत्येक कक्षा के विद्यार्थियों को उनकी वैज्ञानिक रुचि के आधार पर अलग-अलग टीमों में बांटा गया है. प्रत्येक टीम में तीन छात्राएं और दो छात्र शामिल हैं. टीम की गतिविधियों का नेतृत्व करने के लिए एक ग्रुप हेड का चयन किया गया है.

इससे विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता के साथ टीम भावना और आपसी सहयोग की आदत विकसित करने का प्रयास किया जाएगा.

‘करके सीखने’ की संस्कृति पर जोर

विद्यालय का मानना है कि विज्ञान केवल किताबों में पढ़ने का विषय नहीं, बल्कि सवाल पूछने और प्रयोग के माध्यम से समझने की प्रक्रिया है. यंग साइंटिस्ट ग्रुप के विद्यार्थी छोटे-छोटे वैज्ञानिक प्रयोग, मॉडल निर्माण और दैनिक जीवन से जुड़ी समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान खोजने जैसी गतिविधियों में भाग लेंगे.

‘क्यों’ और ‘कैसे’ पूछने की आदत होगी विकसित

इस पहल के माध्यम से बच्चों में किसी भी घटना या समस्या को लेकर ‘क्यों?’ और ‘कैसे?’ जैसे सवाल पूछने की आदत विकसित करने पर जोर दिया जाएगा. विद्यालय के अनुसार यही जिज्ञासा वैज्ञानिक सोच और नई खोज की शुरुआती सीढ़ी है.

विद्यार्थियों को अपने आसपास की समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए नए विचार विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.

AI और रोबोटिक्स के दौर के लिए तैयार होंगे विद्यार्थी

एआई, रोबोटिक्स और ऑटोमेशन के बढ़ते दौर को देखते हुए विद्यार्थियों को शुरुआती स्तर से ही तकनीकी समझ से जोड़ने की दिशा में भी पहल की जा रही है. स्कूल प्रबंधन के अनुसार वैज्ञानिक प्रयोग और नवाचार आधारित गतिविधियां बच्चों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करने में मदद करेंगी.

भविष्य के इनोवेटर और साइंटिस्ट बनाने का प्रयास

विद्यालय के निदेशक मसूद हसन ने कहा कि उद्देश्य केवल बच्चों को वैज्ञानिक विषय पढ़ाना नहीं, बल्कि उनके भीतर वैज्ञानिक सोच पैदा करना है. उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने विचारों और प्रयोगों के माध्यम से नई चीजें सीखें और भविष्य में इन्वेंटर, इनोवेटर और साइंटिस्ट बनने की दिशा में आगे बढ़ें.

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By Prakash kumar

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