शिक्षा भवनसमस्तीपुर: जिले के ताजपुर प्रखंड अंतर्गत उच्च माध्यमिक विद्यालय गौसपुर सरसौना में फर्जी उपस्थिति दर्ज कराने और विभिन्न योजनाओं में गड़बड़ी से जुड़ा मामला सामने आया है. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा एवं साक्षरता), समस्तीपुर की ओर से जारी जांच पत्र के अनुसार, विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक शिवचन्द्र दास के खिलाफ ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर फर्जी उपस्थिति दर्ज कराने के प्रमाण मिले हैं. जांच के आधार पर उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गयी है.
शिकायत के बाद हुई विद्यालय की जांच
प्राप्त जानकारी के अनुसार मुकेश कुमार ने 'सहयोग पोर्टल' पर परिवाद संख्या REF143212 दर्ज कराया था. इसी शिकायत के आलोक में विद्यालय की जांच की गयी. जांच के दौरान ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपलोड किये गये फोटो और उपस्थिति विवरण की तकनीकी एवं भौतिक जांच की गयी.
जांच पत्र में कहा गया है कि इस प्रक्रिया के दौरान प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा फर्जी उपस्थिति दर्ज कराने के प्रमाण मिले. रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानाध्यापक की अनुपस्थिति में उनके स्थान पर या रसोइया के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराये जाने की बात सामने आयी.
फर्जी हाजिरी से छुट्टी और वेतन का मामला
जांच रिपोर्ट के अनुसार, गलत तरीके से उपस्थिति दर्ज कर अवैध छुट्टी का लाभ लेने और वेतन उठाने का मामला सामने आया है. बच्चों से पूछताछ के दौरान भी रसोइया द्वारा उपस्थिति बनाये जाने की बात सामने आने का उल्लेख जांच पत्र में किया गया है.
रिपोर्ट में इसे प्रधानाध्यापक स्तर पर गंभीर लापरवाही अथवा जानबूझकर की गयी अनियमितता के रूप में देखा गया है. हालांकि, विभागीय कार्रवाई की अंतिम स्थिति सक्षम स्तर से होने वाले निर्णय पर निर्भर करेगी.
वाटर एटीएम समेत अन्य आरोपों की भी हुई जांच
शिकायत में वाटर एटीएम के निर्माण में मानक के अनुरूप कार्य नहीं होने और भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया गया था. जांच में पाया गया कि विद्यालय में वाटर एटीएम स्थानीय सांसद क्षेत्र विकास योजना के तहत उपलब्ध कराया गया है.
विद्यालय रखरखाव के तहत मिलने वाली वार्षिक 50 हजार रुपये की राशि और मध्याह्न भोजन से जुड़े वाउचर की भी जांच की गयी. जांच के दौरान मध्याह्न भोजन मेनू के अनुरूप संचालित पाया गया तथा संबंधित पंजी और वाउचर संधारित मिले.
मोबाइल इस्तेमाल और राजनीतिक गतिविधि का आरोप नहीं मिला प्रमाण
निरीक्षण के दौरान स्कूल अवधि में शिक्षकों द्वारा मोबाइल या सोशल मीडिया के दुरुपयोग के आरोप भी जांचे गये. जांच के समय कोई भी शिक्षक मोबाइल का उपयोग करते नहीं पाया गया. इसके अलावा अन्य शिक्षकों के राजनीतिक दलों की गतिविधियों में शामिल होने के आरोप के संबंध में भी कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिलने की बात जांच पत्र में कही गयी है.
RTI से जुड़ी शिकायत पर भी उठे सवाल
जांच पत्र में सूचना का अधिकार के तहत मांगी गयी सूचनाओं को निर्धारित प्रपत्रों के अनुसार उपलब्ध नहीं कराने का भी उल्लेख है. इसे शिकायत में लगाये गये आरोपों की पुष्टि करने वाले बिंदुओं में शामिल किया गया है.
वहीं, RTE आवेदन वापस लेने के लिए बाहरी तत्वों द्वारा अभिभावकों पर दबाव बनाये जाने के आरोप के संबंध में अभिभावकों ने स्पष्ट जानकारी नहीं दी.
प्रधानाध्यापक पर विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने ई-शिक्षा कोष पर उपस्थिति के समय अपलोड किये गये फोटो की जांच के आधार पर प्रभारी प्रधानाध्यापक शिवचन्द्र दास को फर्जी उपस्थिति के मामले में दोषी पाया है. इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी, समस्तीपुर को ज्ञापन भेजकर उनके विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई करने की औपचारिक अनुशंसा की गयी है.
मामले में अब शिक्षा विभाग के स्तर से आगे की कार्रवाई की जानी है.
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