क्या आपका ई-म्यूटेशन आवेदन भी लंबित है? समस्तीपुर के इन अंचलों में सबसे ज्यादा मामले अटके

Dakhil Kharij: समस्तीपुर में ई-म्यूटेशन के अधिकांश मामलों का निपटारा हो चुका है, लेकिन कई अंचलों में अब भी हजारों आवेदन लंबित हैं. जानिए किस अंचल का प्रदर्शन सबसे बेहतर और कौन सबसे पीछे रहा.

Dakhil Kharij: समस्तीपुर जिले में जमीन के ई-म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) आवेदनों के निपटारे की रफ्तार तेज हुई है. जिले का कुल डिस्पोजल रेट 99.42 प्रतिशत तक पहुंच गया है. हालांकि, इसके बावजूद हजारों लोगों को अब भी इंतजार करना पड़ रहा है. जिले में 3,357 आवेदन लंबित हैं, जबकि कई मामले तय समय सीमा पार करने के बाद भी निपटाए नहीं जा सके हैं.

हसनपुर और शिवाजीनगर ने किया सबसे बेहतर प्रदर्शन

राजस्व विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, हसनपुर अंचल 99.92 प्रतिशत डिस्पोजल रेट के साथ जिले में पहले स्थान पर रहा. इसके बाद शिवाजीनगर (99.91%), विद्यापतिनगर (99.89%) और कल्याणपुर (99.89%) का प्रदर्शन भी बेहतर रहा. इन अंचलों में ई-म्यूटेशन आवेदनों का समय पर निपटारा होने से लोगों को राहत मिली है.

ताजपुर और उजियारपुर सबसे पीछे

दूसरी ओर ताजपुर अंचल का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा. यहां डिस्पोजल रेट केवल 98.45 प्रतिशत दर्ज किया गया है और 369 आवेदन अभी भी लंबित हैं. वहीं उजियारपुर 98.52 प्रतिशत डिस्पोजल रेट के साथ दूसरे सबसे खराब प्रदर्शन वाला अंचल रहा. यहां सबसे अधिक 727 आवेदन लंबित हैं, जो पूरे जिले में सर्वाधिक हैं. पूसा (98.72%) और खानपुर (98.83%) का प्रदर्शन भी अपेक्षाकृत कमजोर रहा.

कितने आवेदन आए और कितनों का हुआ निपटारा?

जिले में अब तक ई-म्यूटेशन के कुल 5,74,965 आवेदन प्राप्त हुए. इनमें 3,92,436 आवेदन स्वीकृत किए गए, जबकि 1,79,172 आवेदन विभिन्न कारणों से अस्वीकृत हुए. कुल 5,71,608 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है, जबकि 3,357 आवेदन अब भी लंबित हैं.

तय समय के बाद भी अटके हैं सैकड़ों मामले

हालांकि जिले का कुल प्रदर्शन संतोषजनक माना जा रहा है, लेकिन समय सीमा से अधिक पुराने मामलों की संख्या चिंता बढ़ा रही है. आंकड़ों के अनुसार 35 दिनों से अधिक समय से 774 आवेदन लंबित हैं. वहीं 75 दिनों से अधिक समय से 1,281 मामले अटके हुए हैं. सबसे गंभीर स्थिति यह है कि 120 दिनों से अधिक समय से भी 142 आवेदन लंबित पड़े हैं.

लोगों को समय पर सेवा देने की चुनौती

राजस्व विभाग का उद्देश्य ई-म्यूटेशन प्रक्रिया को पूरी तरह समयबद्ध बनाना है, लेकिन कुछ अंचलों में लंबित मामलों की अधिक संख्या इस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है. अब लोगों की नजर इस बात पर है कि कमजोर प्रदर्शन वाले अंचलों में लंबित मामलों का निपटारा कब तक किया जाता है.

यह भी पढ़ें: मानसून से पहले ही डूबने लगा मधुबनी का यह मोहल्ला, हल्की बारिश में सड़कें बनीं तालाब

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Girija nandan sharma

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >