समस्तीपुर: नगर निगम के खिलाफ पार्षदों का हल्ला बोल, भ्रष्टाचार और टैक्स बढ़ोतरी पर घेरा

समस्तीपुर नगर निगम के पार्षद कथित भ्रष्टाचार, होल्डिंग टैक्स वृद्धि और विकास कार्यों में अनियमितता के विरोध में सड़कों पर उतरे. उन्होंने सरकारी बस पड़ाव पर एक दिवसीय धरना दिया और नगर आयुक्त व मेयर की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए. निगम प्रशासन को पांच सूत्री मांगपत्र सौंपने के बाद धरना स्थगित कर दिया गया, लेकिन 15 दिन की चेतावनी दी गई है.

Samastipur News: समस्तीपुर नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार, होल्डिंग टैक्स बढ़ोतरी और विकास कार्यों में अनियमितता के विरोध में बुधवार को सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों और वार्ड पार्षदों ने सरकारी बस पड़ाव में एक दिवसीय धरना दिया. वार्ड पार्षद सह सशक्त स्थायी समिति सदस्य विकास कुमार की अध्यक्षता में आयोजित प्रतिरोध सभा में पार्षदों ने नगर आयुक्त और मेयर की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए. बाद में नगर आयुक्त ज्ञान प्रकाश को पांच सूत्री मांगपत्र सौंपा गया. आश्वासन मिलने के बाद धरना स्थगित कर दिया गया.

निगम प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

सभा को संबोधित करते हुए वार्ड पार्षद विकास कुमार ने कहा कि नगर निगम में अव्यवस्था का माहौल है और विकास कार्यों के नाम पर राजस्व का दुरुपयोग किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि नगर आयुक्त और मेयर मनमाने तरीके से निगम का संचालन कर रहे हैं तथा बिहार नगरपालिका नियमावली की अनदेखी कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है.

होल्डिंग टैक्स बढ़ोतरी और सफाई व्यवस्था पर सवाल

वार्ड पार्षद प्रतिनिधि पंकज कुमार ने कहा कि नगर निगम ने महानगरों की तर्ज पर होल्डिंग टैक्स बढ़ा दिया है, जबकि नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल रही हैं. वहीं, वार्ड पार्षद रामबली महतो ने आउटसोर्सिंग के माध्यम से सफाई व्यवस्था में वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि वार्ड संख्या 8 में केवल एक सफाई कर्मी कार्यरत है, लेकिन प्रतिमाह करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च दिखाया जा रहा है. उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की.

निर्माण कार्य और टेंडर प्रक्रिया पर भी उठे सवाल

वार्ड पार्षद रामाश्रय सहनी ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों में अनियमितता बरती जा रही है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 का टेंडर वर्ष 2026 में धरातल पर उतरा, जो गंभीर अनियमितता का संकेत है. साथ ही सरकारी स्टीमेट के दुरुपयोग और टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की जांच कराने की भी मांग की.

पांच सूत्री मांगपत्र सौंपा, 15 दिन का दिया अल्टीमेटम

धरने की सूचना मिलने पर नगर आयुक्त ज्ञान प्रकाश मौके पर पहुंचे और पार्षदों से वार्ता की. इस दौरान पार्षदों ने भ्रष्टाचार पर रोक लगाने, बढ़े हुए होल्डिंग टैक्स को कम करने, वार्डों के पोखरों का सौंदर्यीकरण, सशक्त स्थायी समिति एवं सामान्य बोर्ड की बैठक बुलाने तथा सभी वार्डों में सड़क, नाला, नल-जल, नियमित कचरा उठाव और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था सुनिश्चित करने सहित पांच सूत्री मांगपत्र सौंपा. नगर आयुक्त ने मांगों पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना स्थगित कर दिया गया. पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा.

यह भी पढ़ें:समस्तीपुर: पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस का हल्लाबोल, डीएम कार्यालय पर फूंका पुतला


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Ankur kumar

Published by: Purushottam Kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >