समस्तीपुर के थानों में शुरू होगी कम्युनिटी पुलिसिंग: जनता से बेहतर तालमेल बना रुकेगा अपराध, पुलिस मुख्यालय का आदेश

समस्तीपुर में अपराध रोकने और पुलिस-जनता के बीच संवाद बढ़ाने के लिए थानों में कम्युनिटी पुलिसिंग व्यवस्था लागू की जाएगी। जानें इसकी पूरी जानकारी।

कम्युनिटी पुलिसिंग व्यवस्था: समस्तीपुर जिले में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण पाने तथा आम जनता और खाकी के बीच विश्वास बहाली के लिए पुलिस मुख्यालय ने बड़ा कदम उठाया है. जिले के सभी क्षेत्रीय थानों में अब कम्युनिटी पुलिसिंग व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू की जाएगी. इस नई व्यवस्था का मुख्य मकसद अपराध घटित होने के बाद लकीर पीटने के बजाय, अपराध के शुरुआती संकेतों को पहचान कर उसे समय रहते जड़ से समाप्त करना है.

अपर थानाध्यक्ष संभालेंगे जिम्मेदारी

बिहार पुलिस एक्ट 2007 के तहत लागू होने वाली इस व्यवस्था को धरातल पर उतारने की तैयारी तेज कर दी गई है.

  • नगर, मुफ्फसिल, दलसिंहसराय, रोसड़ा, पटोरी समेत सभी क्षेत्रीय थानों में अपर थानाध्यक्ष (विधि-व्यवस्था) अथवा किसी योग्य पदाधिकारी को कम्युनिटी पुलिस ऑफिसर बनाया जाएगा.
  • जिले में संचालित 36 पुलिस इकाइयों में से विशिष्ट थानों को छोड़कर शेष सभी थानों में यह व्यवस्था लागू होगी.
  • प्रत्येक थाने में एक विशेष 'सामुदायिक पुलिसिंग पंजी' संधारित होगी, जिसमें बैठकों और समाधान का ब्योरा दर्ज रहेगा.
  • एसपी मासिक समीक्षा बैठक में इसकी निगरानी करेंगे, जबकि एसडीपीओ क्षेत्र भ्रमण के दौरान पंजी की जांच करेंगे.
  • उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को जिला व राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा.

जमीनी विवाद सुलझाने और जागरूकता पर जोर

कम्युनिटी पुलिस ऑफिसर स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और संस्थाओं के साथ लगातार बैठकें आयोजित करेंगे.

  • बीट पुलिस पदाधिकारी अपने क्षेत्र के प्रमुख लोगों और संवेदनशील स्थानों की साप्ताहिक रिपोर्ट सौंपेंगे.
  • स्कूल-कॉलेजों में महिला व बाल सुरक्षा पर विशेष जागरूकता सत्र चलाए जाएंगे.
  • व्यापारिक क्षेत्रों, बैंकों और अस्पतालों में संबंधित लोगों के साथ नियमित सुरक्षा संवाद होगा.
  • ग्रामीण इलाकों में सरपंच और पंचों के सहयोग से जमीन विवादों का निरोधात्मक समाधान निकाला जाएगा.
  • साइबर अपराध से बचाव, नशामुक्ति और अफवाहों की रोकथाम के लिए अभियान चलाए जाएंगे.
  • वरिष्ठ नागरिकों तथा कमजोर वर्गों की सुरक्षा को शीर्ष प्राथमिकता दी जाएगी.

मुख्यालय ने साफ निर्देश दिया है कि इस व्यवस्था के तहत किसी भी तरह का चंदा या आर्थिक सहयोग लेना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा.

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By Ankur kumar

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