Samastipur News:घटते प्राकृतिक संसाधनों के युग में मोटा अनाज बेहतर विकल्प : बीएओ

आज की भागदौर भरी जिंदगी में बेहतर स्वास्थ्य बनाये रखना हर व्यक्ति के लिए एक चुनौती पूर्ण कार्य है. विकास की इस दौर में आमजन पारंपरिक पोषणीय भोजन व्यवस्था के पुरातन आयामों को भूलता जा रहा है.

Samastipur News:मोहिउद्दीनगर : आज की भागदौर भरी जिंदगी में बेहतर स्वास्थ्य बनाये रखना हर व्यक्ति के लिए एक चुनौती पूर्ण कार्य है. विकास की इस दौर में आमजन पारंपरिक पोषणीय भोजन व्यवस्था के पुरातन आयामों को भूलता जा रहा है. घटते प्राकृतिक संसाधनों के इस युग में मोटा अनाज बेहतर विकल्प है. यह बातें बुधवार को सूरज नारायण सेवा समिति के सभागार में वर्तमान परिवेश में मोटे अनाज की उपादेयता विषयक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रखंड कृषि पदाधिकारी दिलीप रजक ने कही. अध्यक्षता प्रखंड आत्मा अध्यक्ष राम कुमार सिंह ने की. संचालन शिक्षाविद् उमाशंकर सिंह ने किया. पोषण विशेषज्ञ डॉ. रंजन कुमार ने कहा कि मिलेट्स की वैश्विक स्तर मांग बढ़ रही है. रसायन मुक्त अनाज मानव स्वास्थ्य के लिए पौष्टिक होने के साथ साथ श्री अन्न हर घर तक पहुंचे ताकि आने वाली पीढ़ियां बीमारियों से दूर रहे. विशेषज्ञ विप्लव तालुकदार एवं रायन मेट्टी ने कहा कि आज के समय में जब जलवायु परिवर्तन और पोषण संबंधित चिंताएं बढ़ रही हैं, मोटे अनाज, स्वास्थ्य, कृषि और अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण और टिकाऊ विकास प्रदान करती है. इस दौरान मोटे अनाजों की प्रदर्शनी लगाई गई. लोगों को सरकार की ओर से मोटे अनाजों की खेती को प्रोत्साहित करने की चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी गई. इस मौके पर डॉ. हेमंत कुमार पप्पू, डॉ. रंजन कुमार, गुड्डू कुमार, शिवराम सिंह, सौरभ कुमार, पंकज कुमार राम, चंदन कुमार, डॉ. मनोज कुमार, राजा बाबू, राहुल कुमार, मो. रियाज, हबीबुल्लाह अनवर, चंदा कुमारी, सोनी कुमारी मौजूद थे.

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By KRISHAN MOHAN PATHAK

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