Samastipur News: समस्तीपुर जिले के ताजपुर थाना क्षेत्र के हरपुर भिंडी पंचायत स्थित इतवारी पेठिया विद्यालय के छठी कक्षा के एक छात्र की कथित रूप से बच्चों के झुंड द्वारा बेरहमी से पिटाई किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. पिटाई के बाद छात्र पवन कुमार के बेहोश होने की बात कही जा रही है. उसके हाथ, पेट और सिर के पीछे गंभीर चोटें आई हैं, जिसके बाद उसे इलाज के लिए आनन-फानन में सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है.जानकारी के अनुसार, पवन कुमार राजेश्वर साह का पुत्र है और इसी विद्यालय में छठी कक्षा में पढ़ाई करता है. बताया जा रहा है कि विद्यालय के छात्रों के बीच किसी बात को लेकर हुए आपसी विवाद के दौरान कुछ बच्चों ने एकजुट होकर पवन की जमकर पिटाई कर दी. इस हिंसक झड़प के बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह मौके पर ही बेहोश हो गया.
प्रधानाध्यापक के रवैये पर भड़के परिजन
घटना के तुरंत बाद आक्रोशित परिजनों ने विद्यालय प्रधान से मुलाकात कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. हालांकि, परिजनों का गंभीर आरोप है कि विद्यालय प्रधान गीता यादव ने यह कहते हुए उन्हें बैरंग वापस लौटा दिया कि यह विद्यालय के बाहर की घटना है, इसलिए इसमें विद्यालय स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है.प्रधानाध्यापक के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये को लेकर स्थानीय अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है. अभिभावकों का तर्क है कि यदि स्कूली बच्चों के बीच कोई विवाद उत्पन्न होता है, तो उसकी नैतिक और प्रशासनिक शिकायत विद्यालय प्रबंधन से ही की जानी चाहिए. कुछ अन्य अभिभावकों ने भी विद्यालय प्रधान पर मामले की निष्पक्ष जांच न करने और पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का सीधा आरोप लगाया है.
सदर अस्पताल में जारी है इलाज
इधर, बच्चे की लगातार बिगड़ती हालत को देखते हुए परिजन उसे लेकर सीधे समस्तीपुर सदर अस्पताल पहुंचे, जहां उसका इलाज चल रहा है. परिजनों के अनुसार, डॉक्टरों ने अंदरूनी चोट लगने की आशंका जताई है और बच्चे को कई बार उल्टियां भी हो चुकी हैं. फिलहाल चिकित्सकों की विशेष निगरानी में उसका उपचार जारी है.इस घटना के सामने आने के बाद से स्थानीय लोगों और अभिभावकों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है. लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की गंभीरता से निष्पक्ष जांच की जाए, ताकि दोषी छात्रों के साथ-साथ मामले में लापरवाही बरतने वालेि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके.
