Morwa News: प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पोषाहार एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों की खरीद को लेकर कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया है. इस संबंध में सीडीपीओ ने 212 आंगनबाड़ी सेविकाओं से स्पष्टीकरण मांगा है. पत्र में बाजार मूल्य और विभाग द्वारा निर्धारित दरों के बीच अंतर को लेकर खरीद प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं.
विभाग ने खरीद प्रक्रिया पर मांगा जवाब
जारी पत्र में कहा गया है कि बाजार में सरसों तेल, मूंगदाल और चावल जैसी वस्तुओं की कीमत विभागीय निर्धारित दर से अधिक है. ऐसे में सेविकाओं से पूछा गया है कि निर्धारित राशि में इन सामग्रियों की खरीद किस प्रकार की जा रही है.
पत्र के अनुसार सरसों तेल का बाजार मूल्य लगभग 190 से 200 रुपये प्रति लीटर, मूंगदाल करीब 120 रुपये प्रति किलोग्राम तथा चावल 40 से 50 रुपये प्रति किलोग्राम है, जबकि विभागीय दर क्रमशः 110 रुपये, 80 रुपये और 26 रुपये निर्धारित है.
सेविकाओं ने विभागीय दरों पर उठाए सवाल
आंगनबाड़ी सेविकाओं का कहना है कि वे विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार ही खरीदारी करती हैं. उनका कहना है कि भुगतान, बिल-वाउचर और अभिलेखों का सत्यापन भी विभागीय स्तर पर किया जाता है. ऐसे में यदि निर्धारित दरें बाजार मूल्य से कम हैं, तो इसकी जिम्मेदारी केवल सेविकाओं पर नहीं डाली जानी चाहिए.
सेविकाओं का कहना है कि यदि विभागीय दरों पर बाजार में सामग्री उपलब्ध नहीं है तो समय-समय पर दरों का पुनरीक्षण किया जाना चाहिए. अन्यथा कम गुणवत्ता का सामान खरीदने या अतिरिक्त राशि स्वयं वहन करने जैसी व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आती हैं.
लोक शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार यह मामला एक परिवादी द्वारा लोक शिकायत में उठाए जाने के बाद सामने आया. इसके बाद 27 जुलाई को सीडीपीओ श्वेता कुमारी ने सभी 212 केंद्रों की सेविकाओं से सामूहिक रूप से स्पष्टीकरण मांगा.
वहीं, सेविकाओं का कहना है कि वे इस मामले को लेकर उच्च अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखेंगी.
