Samastipur News:समस्तीपुर :
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर जिले के सभी दसों विधानसभा क्षेत्र में अपना भाग्य आजमा रहे 108 प्रत्याशी अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिये प्रत्याशी हर तरह के हथकंडे अपना रहे हैं. पैसे वाले प्रत्याशी पैसों को पानी की तरह बहाने से भी नहीं चूकते हैं. उन्हें हर कीमत पर अपनी जीत सुनिश्चित कराने की होड़ लगी है. इधर, चुनाव आयोग और जिला प्रशासन पूरी तरह स्वच्छ व निष्पक्ष चुनाव के कराने के लिये प्रतिबद्ध हैं. आयोग की पैनी नजर प्रत्याशियों पर है. उनके द्वारा खर्च किये जाने वाले पैसे-पैसे का हिसाब लेने की आयोग ने व्यवस्था लगा रही है. विदित हो कि बिहार जैसे बड़े राज्यों के लिये चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव में अधिकतम खर्च की सीमा 40 लाख तय कर रखी है. नियमत: सभी प्रत्याशी को चुनावी खर्च इसी सीमा के अंदर करना है. आयोग के निर्देशानुसार नामांकन से पहले हर प्रत्याशी को चुनावी खर्च के लिये अपना अगल बैंक खाता खुलवाना था. चुनाव के सारे खर्च इसी खाते से होने हैं.– प्रेक्षक के सामने जांच के लिये तीन बार प्रस्तुत करना हाेगा व्यय लेखा विवरणी
नामांकन से लेकर चुनाव परिणाम की घोषणा तक के सारे खर्च की विस्तृत जानकारी प्रत्याशी को देनी है. वहीं व्यय प्रेक्षक के सामने उन्हें अपने व्यय का लेखा तीन बार प्रस्तुत करना है. इसके लिये उन्हें व्यय पंजी का संधारण भी करना है. चुनावी खर्च में तनिक भी लापरवाही प्रत्याशियों के लिये बहुत महंगी पड़ सकती है. प्रत्याशियों को दस हजार से अधिक का कोई भी भुगतान सिर्फ अकाउंट पेई चेक के माध्यम से किया जायेगा. आयोग धनबल के दुरुपयोग को रोकने के प्रति पूरी तरह सख्त है. नोटिफिकेशन के बाद कोई भी व्यक्ति पचास हजार से अधिक रुपये कैश लेकर नहीं चल सकता है.
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