आत्महत्या रोकथाम दिवस: समस्तीपुर शहर के बलिराम भगत महाविद्यालय में गुरुवार को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस 2026 के उपलक्ष्य में एक प्रेरणादायक पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम महाविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ. इस प्रतियोगिता का मुख्य विषय 'चेंजिंग द नैरेटिव ऑन सुसाइड, स्टार्ट द कन्वर्सेशन' रखा गया था, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता और जीवन के महत्व को रेखांकित किया.
पोस्टर प्रतियोगिता में सौम्या अव्वल, प्रतिभागियों ने बिखेरे रंग
प्रतियोगिता के दौरान छात्र-छात्राओं ने अपनी तूलिका और रंगों के माध्यम से आत्महत्या रोकथाम, सकारात्मक सोच तथा भावनात्मक संतुलन के सशक्त संदेश दिए.
- प्रथम स्थान: उत्कृष्ट संदेश और रचनात्मकता के लिए सौम्या कुमारी को प्रथम पुरस्कार मिला.
- द्वितीय स्थान: संध्या वर्मा ने अपने प्रभावी पोस्टर से दूसरा स्थान हासिल किया.
- तृतीय स्थान: नेहा भारती और झलक राज ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान प्राप्त किया.
बातचीत और सहयोग से बच सकती है अनमोल जिंदगी: प्रधानाचार्य
समारोह को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. जगदीश प्रसाद बैश्यंत्री ने कहा कि आत्महत्या किसी भी समस्या या संकट का समाधान नहीं हो सकती. उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि यदि आसपास कोई व्यक्ति डिप्रेशन या अकेलेपन से जूझ रहा हो, तो उससे संवाद स्थापित करें और उसकी बातें ध्यान से सुनें. आपकी एक संवेदनशील पहल किसी की जान बचा सकती है.
मानसिक तनाव पर चुप्पी तोड़ना आवश्यक: डॉ. मौर्य
मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष सह एनएसएस पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार मौर्य ने कहा कि समाज में लोग मानसिक तनाव पर खुलकर चर्चा करने से बचते हैं और इसे कमजोरी समझ लेते हैं. इस सोच को बदलना अनिवार्य है. जब तक हम अपनों से खुला संवाद नहीं करेंगे, उनके भीतर का अंधेरा दूर नहीं होगा. इस अवसर पर डॉ. सुनील कुमार मिश्र, डॉ. हरि नारायण, डॉ. रेखा कुमारी और डॉ. वागीश पाठक ने भी विचार रखते हुए प्रतिभागियों की सराहना की.
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