Biometric attendance fraud: समस्तीपुर जिले के उजियारपुर प्रखंड अंतर्गत भगवानपुर देसुआ पंचायत में सरकारी कर्मियों की कार्यशैली और उपस्थिति को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कई कर्मी पंचायत सरकार भवन में नियमित रूप से उपस्थित नहीं होते हैं, इसके बावजूद उनकी बायोमैट्रिक उपस्थिति कागजों और सिस्टम में दर्ज रहती है. स्थानीय लोगों के अनुसार पंचायत में तैनात कर्मियों की वास्तविक उपस्थिति काफी कम रहती है.
Samastipur News: कर्मियों की कार्यस्थिति और अनुपस्थिति का हाल
ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत सरकार भवन स्थित ग्राम कचहरी में कार्यरत न्याय मित्र अपने निर्धारित कार्य दिवसों यानी मंगलवार और शुक्रवार को नियमित रूप से उपस्थित रहते हैं. इसके अलावा ग्राम कचहरी सचिव और विकास मित्र के भी नियमित रूप से कार्यरत रहने की बात कही गई है. हालांकि, पंचायत सचिव दो अलग-अलग पंचायतों में प्रतिनियुक्ति पर होने के कारण नियमित रूप से उपलब्ध नहीं हो पाते हैं. वहीं, कार्यपालक सहायक के विभिन्न प्रमाण पत्रों से जुड़े कार्यों के लिए भी ग्रामीणों को लंबा इंतजार करना पड़ता है.
अन्य विभागों के कर्मियों की कार्यप्रणाली पर सवाल
इस पंचायत में राजस्व कर्मचारी, कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार, तकनीकी सहायक, लेखापाल सह आईटी सहायक, रोजगार सेवक, आवास सहायक और स्वच्छता पर्यवेक्षक समेत कई अन्य महत्वपूर्ण पदों पर कर्मियों की नियुक्ति है. स्थानीय निवासी मनोज कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने मांग की है कि इन सभी कर्मियों की वास्तविक उपस्थिति और उनके द्वारा किए जाने वाले कार्यों की समग्र रूप से उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए.
बीपीआरओ की औचक जांच और स्पष्टीकरण नोटिस
ग्रामीणों की इस गंभीर शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए बीपीआरओ रंजय कुमार ने मंगलवार को ही भगवानपुर देसुआ पंचायत सरकार भवन पहुंचकर औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों की शिकायत में सत्यता पाई गई, जिसके बाद बीपीआरओ ने सभी अनुपस्थित पाए गए कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगने के लिए नोटिस जारी करने की बात कही है.
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