Government School: सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था सुधारने के दावों के बीच उच्च माध्यमिक विद्यालय, बाजितपुर करनैल की स्थिति कई सवाल खड़े कर रही है. विद्यालय में कक्षा 9 से 12 तक 1,099 छात्र-छात्राओं का नामांकन है, लेकिन प्रतिदिन केवल 200 से 250 विद्यार्थी ही विद्यालय पहुंचते हैं. यानी 80 प्रतिशत से अधिक छात्र नियमित रूप से अनुपस्थित रहते हैं.
19 शिक्षक तैनात, फिर भी खाली रहती हैं कक्षाएं
विद्यालय में कुल 19 शिक्षक कार्यरत हैं. प्रधानाध्यापक नीलोत्पल मृणाल ने बताया कि विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार विषयवार शिक्षकों की जरूरत है. हालांकि वास्तविक उपस्थिति कम होने के कारण कई बार कक्षाएं खाली रहती हैं और शिक्षक भी पढ़ाने के लिए विद्यार्थियों का इंतजार करते हैं.
सामान्य ज्ञान में भी दिखी कमी
विद्यालय में इंटर के कुछ छात्रों से देश और राज्य के प्रमुख जनप्रतिनिधियों के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब संतोषजनक नहीं मिले. कई छात्र भारत के उपराष्ट्रपति, बिहार के उपमुख्यमंत्री और राज्यपाल का नाम नहीं बता सके. इससे विद्यार्थियों की सामान्य जागरूकता और शैक्षणिक स्तर को लेकर चिंता जताई जा रही है.
अभिभावकों से संपर्क के बावजूद नहीं बढ़ रही उपस्थिति
प्रधानाध्यापक ने बताया कि विद्यालय प्रशासन लगातार अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को नियमित विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित कर रहा है. इसके बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा है और बड़ी संख्या में छात्र विद्यालय आने से कतराते हैं.
सामुदायिक भागीदारी की जरूरत
स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल नामांकन बढ़ाने से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार नहीं होगा. विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अभिभावकों की जिम्मेदारी तय करने, नियमित निगरानी और सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने की आवश्यकता है.
संसाधन उपलब्ध, फिर भी कोचिंग का बढ़ रहा रुझान
विद्यालय में स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं और शिक्षकों की भी पर्याप्त संख्या है. इसके बावजूद बड़ी संख्या में छात्र पटोरी, जंदाहा, हलई और चकलालशाही जैसे स्थानों पर कोचिंग के लिए जाते हैं. प्रखंड के अन्य उच्च माध्यमिक विद्यालयों में भी विद्यार्थियों की कम उपस्थिति चिंता का विषय बनी हुई है.
