समस्तीपुर . विश्व मधुमेह दिवस सदर अस्पताल विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का आयोजन जिला स्वास्थ समिति और पिरामल फाउंडेशन के सहयोग से किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय में डायबिटीज के बढ़ते जोखिम, उसके लक्षण, बचाव तथा प्रबंधन के बारे में जन-जागरूकता बढ़ाना था. कार्यक्रम में डॉ. विजय कुमार ने डायबिटीज टाइप-1 और टाइप-2 के बारे में विस्तार से जानकारी दी. वहीं फिजियोथेरेपिस्ट ने मांसपेशियों की मजबूती तथा मधुमेह रोगियों के लिए आवश्यक व्यायाम के बारे में बताया. डीसीक्यूए डॉक्टर ज्ञानेंद्र कुमार तथा जिला सामुदायिक उत्प्रेरक अनीता ने बताया कि स्वस्थ कर्मी अपने-अपने क्षेत्रों में निरंतर जांच एवं जागरूकता गतिविधियां संचालित करें. कार्यक्रम में सीएचओ, चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, एएनएम छात्राएं और अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल हुए. विशेषज्ञों ने मधुमेह के कारण, प्रारंभिक लक्षण, समय पर जांच की आवश्यकता, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तनाव नियंत्रण और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर विस्तार से चर्चा की. मौके पर ब्लड शुगर टेस्ट, बीएमआई जांच और जोखिम मूल्यांकन भी किया गया, जिससे प्रतिभागियों को अपने स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति समझने में मदद मिला. पिरामल फाउंडेशन की टीम ने लोगों को स्वस्थ आदतें अपनाने और भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम जारी रखने के लिए प्रेरित किया. कहा कि मधुमेह आज वैश्विक स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है और समय पर पहचान एवं रोकथाम ही इसके नियंत्रण का सबसे प्रभावी तरीका है.
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