Samastipur : किसानों के लिए एवोकैडो की खेती बेहतर विकल्प : डॉ पांडा

डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के अधीनस्थ कृषि विज्ञान केंद्र बिरौली के सभागार में ग्रामीण युवक-युवतियों के लिए आयोजित चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हो गया.

पूसा . डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के अधीनस्थ कृषि विज्ञान केंद्र बिरौली के सभागार में ग्रामीण युवक-युवतियों के लिए आयोजित चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हो गया. इसमें प्रतिभागियों ने उच्च मूल्य वाली उद्यानिकी फसलों की खेती की तकनीकों पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की. जिससे उनकी आय में वृद्धि की संभावनाएं बढ़ेंगी. प्रशिक्षण सत्र के चौथे एवं अंतिम दिन केवीके के विशेषज्ञ डॉ. धीरु कुमार तिवारी ने किसानों को सब्जियों में ग्रैफ्टिंग तकनीक पर विस्तृत रूप से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस तकनीक से सब्जियों की फसलें रोगों के प्रति अधिक प्रतिरोधी बन सकती हैं. उत्पादन में भी सुधार होता है. फल विशेषज्ञ डॉ. आशीष पांडा ने किसानों को भविष्य की सबसे लाभकारी फसलों में से एक एवोकैडो की खेती की अपार संभावनाओं के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि बाजार में एवोकैडो की बढ़ती मांग और उच्च मूल्य को देखते हुए यह किसानों के लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. समापन के मौके पर प्रतिभागियों के बीच प्रमाण पत्र वितरण किया गया. समापन सत्र में केवीके के अध्यक्ष एवं प्रधान डॉ. आरके तिवारी ने प्रतिभागियों को संबोधित किया. उन्होंने सभी किसानों को खेती में आधुनिक तकनीकों को अपनाने और उच्च मूल्य वाली फसलों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया. कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को केवीके प्रमुख द्वारा प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने का प्रमाण पत्र वितरित किया गया. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 35 किसानों की सक्रिय सहभागिता रही.

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Author: ABHAY KUMAR

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