BPSC AEDO Exam: बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में सेंधमारी करने वाले शातिर अब भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं. ताजा मामला सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी पद के लिए आयोजित परीक्षा का है, जहां ‘मुन्नाभाई’ स्टाइल में नकल करने की कोशिश ने पूरे प्रशासनिक महकमे को अलर्ट कर दिया है. अलग-अलग एग्जाम सेंटर पर ब्लूटूथ डिवाइस के साथ पकड़े गए दो अभ्यर्थी के बाद अब आयोग एक्शन मोड में आ गया है.
आयोग ने अपनाया सख्त रुख
परीक्षा के दौरान पुख्ता सुरक्षा के दावों के बीच ब्लूटूथ का इस्तेमाल पकड़े जाने पर आयोग ने बेहद सख्त रुख अपनाया है. जानकारी के मुताबिक, समस्तीपुर जिले में आयोग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो एग्जाम सेंटर आरएसबी इंटर स्कूल और श्री कृष्ण हाई स्कूल जितवारपुर से सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर) को मुख्यालय तलब कर लिया है.
क्या कहना है जांच अधिकारियों का?
जांच अधिकारियों का मानना है कि परीक्षा शुरू होने से पहले और परीक्षा के दौरान की फुटेज को खंगालने पर कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या अभ्यर्थियों को केंद्र के अंदर किसी से मदद मिली थी या यह पूरी तरह बाहरी नेटवर्क का हिस्सा था. इस घटना ने परीक्षा केंद्रों पर लगाए गए जैमर्स की प्रभावशीलता पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
हाई-फ्रीक्वेंसी वाले लगाए गए जैमर्स
जिस केंद्र पर ब्लूटूथ डिवाइस पकड़ा गया, वहां जैमर लगे होने के बावजूद सिग्नल का पहुंचना सुरक्षा में बड़ी चूक मानी जा रही है. आयोग ने तत्काल पुराने जैमर्स को हटाकर हाई-फ्रीक्वेंसी जैमर्स लगाए गए हैं. बिहार में शिक्षा विभाग के पदों पर भर्ती के लिए हो रही यह परीक्षा अब प्रशासन के लिए एक साख की लड़ाई बन गई है. ऐसे में डीवीआर की जांच से निकलने वाले सबूत यह तय करेंगे कि इस ‘हाई-टेक चोरी’ के पीछे असली मास्टरमाइंड बाहर था अंदर.
(समस्तीपुर से प्रकाश कुमार की रिपोर्ट)
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