कल्याणपुर. कल्याणपुर स्थित फार्म में बीज उत्पादन के लिए डेढ़ एकड़ से अधिक क्षेत्र में लगाये गये अरहर की फसल में दाना नहीं आने को लेकर फॉर्म के अधिकारी एवं कर्मचारी सकते में है जिसे आधार बनाकर फार्म द्वारा कृषि विश्वविद्यालय पूसा को सूचित कर कारणों की तलाश करने की मांग की है़ जिसके बाद आरएयू, पूसा के तीन वैज्ञानिकों ने फार्म का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया़ इस खबर के फैलने से क्षेत्र के किसानों में हताशा दिख रही है़ कृषकों की माने तो जब वैज्ञानिकों के देखरेख में लगाये गये फसलों में ही अगर दाने नहीं आये तो किसानों का क्या होगा? वैसे इस क्षेत्र में पूर्व में एक बड़े भूभाग पर दलहन की खेती की जा रही है. जिनमें अरहर प्रमुख दलहन है़ कुछ दिनों से उपलब्ध कराये गये बीजों में दाने नहीं आने की समस्या आम बनती जा रही है़ इस ओर प्रखंड के प्रगतिशील कृषक ओम प्रकाश सिंह का बताना है कि गेहूं, मक्का एवं अन्य खाद्यान्नों में उन्नत बीज लगाने के बावजूद दाना नहीं आना आम समस्या बन गयी है. जिस पर वैज्ञानिकों ने अविलंब नियंत्रण नहीं पाया तो कृषक परेशान हो सकते हैं़ कई किसान तो इस वाकया का हवाला देते हुए बताते हैं कि वैज्ञानिकों की देखरेख में यदि बालियां नहीं आती तो किसान इससे कैसे निबटेंगे ये तो भगवान ही जानें़ आरएयू पूसा के सदस्य विभागाध्यक्ष डॉ नवनीत कुमार की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम ने दौरा कर स्थिति का जायजा लिया़ मौके पर पूछे गये सवालों के जवाब में उन्होंने कुछ भी बताने से इनकार करते हुए अनुशंधानोपरांत आगे की कार्रवाई की बात कही. सदस्यों में मो. मिनतुल्ला एवं वैज्ञानिक अनिल कुमार शामिल थे़
अरहर की फसल से दाने गायब, वैज्ञानिकांे ने किया दौरा
कल्याणपुर. कल्याणपुर स्थित फार्म में बीज उत्पादन के लिए डेढ़ एकड़ से अधिक क्षेत्र में लगाये गये अरहर की फसल में दाना नहीं आने को लेकर फॉर्म के अधिकारी एवं कर्मचारी सकते में है जिसे आधार बनाकर फार्म द्वारा कृषि विश्वविद्यालय पूसा को सूचित कर कारणों की तलाश करने की मांग की है़ जिसके बाद […]
