ताजपुर. प्रखंड क्षेत्र के फतेहपुरबाला पंचायत की सुनैना रानी मेहता ने वर्ष 2012 में जिला उपभोक्ता फोरम में जीटीएफएस समस्तीपुर के ब्रांच मैनेजर एवं डिविजनल मैनेजर नेशनल इंश्योरेन्स कंपनी कोलकाता के विरुद्ध परिवाद पत्र दायर कर सूद समेत दुर्घटना बीमा की राशि भुगतान कराने की अर्जी दी थी. जिसमें आवेदिका के पुत्र पीयुष कुमार की मौत वर्ष 2006 में मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के गंगापुर चौक के समीप हाइवे में वाहन दुर्घटना में हो गयी थी. मृतक वर्ष 2003 में जीटीएफएस के माध्यम से नेशनल इंश्योरेन्स कंपनी का एक लाख का दुर्घटना बीमा करा रखा था जो वर्ष 2018 तक मान्य था. उसकी मौत के बाद आवेदिका ने बीमा कंपनी से संपर्क किया तो उन्हें पॉलिसी बांड, मृत्यु प्रमाण पत्र समेत तमाम कागजात प्रस्तुत करने को कहा गया. बाद में बीमा भुगतान में टाल-मटोल किया जाने लगा. थक हारकर उसने जिला उपभोक्ता फोरम में अर्जी लगा दी. काफी छानबीन एवं लंबी प्रक्रिया के बाद उपभोक्ता फोरम ने आवेदिका के दावे को सही करार देते हुए बीमा कंपनी को दुर्घटना बीमा की एक लाख की राशि के अलावे मानसिक एवं शारीरिक क्षति मद में दस हजार रुपये तथा मुकदमा आदि खर्च में पांच हजार रुपये एक माह के भीतर भुगतान करने के आदेश दिये हैं. आखिकरकार नौ साल बाद सड़क हादसे में अपने पुत्र खो चुके महिला को मिला न्याय.
उपभोक्ता फोरम के फैसले से मिलेगी दुर्घटना बीमा की राशि
ताजपुर. प्रखंड क्षेत्र के फतेहपुरबाला पंचायत की सुनैना रानी मेहता ने वर्ष 2012 में जिला उपभोक्ता फोरम में जीटीएफएस समस्तीपुर के ब्रांच मैनेजर एवं डिविजनल मैनेजर नेशनल इंश्योरेन्स कंपनी कोलकाता के विरुद्ध परिवाद पत्र दायर कर सूद समेत दुर्घटना बीमा की राशि भुगतान कराने की अर्जी दी थी. जिसमें आवेदिका के पुत्र पीयुष कुमार की […]
