Samastipur News: नगर निगम प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण शहर के एक बड़े हिस्से में पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. शहर के इंद्रनगर स्थित पंप हाउस में स्थापित दोनों जलापूर्ति पंप पूरी तरह खराब हो चुके हैं. यहाँ का पहला पंप काफी समय पहले ही ‘शहीद’ हो चुका था, जिसे ठीक कराने की जहमत प्रशासन ने नहीं उठाई. बुधवार की रात जब दूसरा पंप भी तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गया, तो आठ वार्डों की जलापूर्ति पूरी तरह ठप हो गई.
हजारों घरों में पानी के लिए मची त्राहि-त्राहि
इंद्रनगर पंप हाउस इन आठ वार्डों की प्यास बुझाने का मुख्य केंद्र है. दोनों पंपों के दम तोड़ देने से हजारों घरों की रसोई से लेकर दैनिक दिनचर्या तक पूरी तरह पटरी से उतर गई है. भीषण गर्मी के इस मौसम में पानी न मिलने से स्थानीय नागरिकों में नगर निगम प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है. यह स्थिति तब है जब सूबे में ‘हर घर नल का जल’ योजना को सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में गिना जाता है.
मानकों की अनदेखी का आरोप, जनता परेशान
स्थानीय नागरिकों और विशेषज्ञों का आरोप है कि पंप हाउस में उपकरणों की स्थापना के दौरान मानकों की घोर अनदेखी की गई है. घटिया गुणवत्ता के कारण पंप बार-बार जल रहे हैं, जो न केवल सरकारी धन की बर्बादी है बल्कि जनता की मूलभूत सुविधाओं के साथ खिलवाड़ भी है. उपभोक्ताओं ने नगर निगम से तत्काल नए और गुणवत्तापूर्ण पंप लगाकर जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है.
समस्तीपुर से प्रकाश कुमार की रिपोर्ट
