संचिकाओं में ही सिमट गयी फिल्टर की योजना

आंगनबाड़ी केंद्रों में उपलब्ध कराया जाना था फिल्टरसमस्तीपुर. स्कू ल पूर्व शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की योजना जिले में कागजों तक ही सिमट कर रह गयी है. आंगनबाड़ी केंद्रोें में फिल्टर उपलब्ध कराने की सभी कवायदें धरातल से दूर ही है. जिले के अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रो में आज तक […]

आंगनबाड़ी केंद्रों में उपलब्ध कराया जाना था फिल्टरसमस्तीपुर. स्कू ल पूर्व शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की योजना जिले में कागजों तक ही सिमट कर रह गयी है. आंगनबाड़ी केंद्रोें में फिल्टर उपलब्ध कराने की सभी कवायदें धरातल से दूर ही है. जिले के अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रो में आज तक फिल्टर की खरीदारी नहीं की जा सकी है. जबकि आंगनबाड़ी केंद्रो के खातों में विभाग ने आरटीजीएस के माध्यम से राशि उपलब्ध करा दी है. फिल्टर व उबला हुआ पानी पिलाने के लिये सरकार की ओर से प्रत्येक केंद्र को 6262 रुपये की राशि उपलब्ध करा दी है. इसमें फिल्टर, वजन मापने की मशाीन, ग्रोथ चार्ट की खरीदारी करनी थी. इसमें 20 लीटर फिल्टर की खरीदारी करनी थी. इसके बाद भी अभी तक केंद्रों पर फिल्टर की खरीदारी नहीं हो पायी है. इससे केंद्रो पर शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चे यहां वहां के पेयजल ही पीने को विवश हैं. इस बाबत आइसीडीएस के डीपीओ अखिलेश सिंह ने बताया कि सभी परियोजनाओं को खरीदारी के लिये कहा गया है. बताते चलें कि अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्र पेयजल के लिए दूसरे स्थानों के चापाकलों पर ही निर्भर रहते है. ऐसे में पेयजल की अशुद्धता की संभावना हमेशा बनी रहती है. इससे बचाव के लिये पानी को उबाल कर इसे फिल्टर से शुद्ध कर के उपलब्ध कराने को कहा गया था. वहीं इस बाबत कई सेविकाओं ने कहा कि इतनी राशि में फि ल्टर बाजार में उपलब्ध नहीं है. साथ ही इसके रख रखाव के लिये भी यह राशि पर्याप्त नहीं है. अभी सहायिकाएं आस पास के चापाकलोंे से पेयजल लाकर बच्चों को इसे पीने के लिये उपलब्ध कराती है.

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