समस्तीपुर : विश्वकर्मा काष्ठ शिल्पी विकास समिति के बैनर तले गुरुवार को स्थानीय सरकारी बस पड़ाव परिसर में काष्ठशिल्पियों ने धरना दिया. इस मौके पर जगदीश शर्मा की अध्यक्षता में सभा हुई.
संबोधित करते हुए संगठन के प्रदेश महासचिव रामभरोस शर्मा ने कहा कि बढ़ई, लोहार की 78 लाख संख्या रहने के बावजूद राजसत्ता में भागीदारी शून्य है. इस समाज के विरुद्ध पूर्व की सरकारों ने कई काले कानून विधानमंडल से बना कर 18 हजार बढ़ई कामगारों को जेल भेजा जा चुका है.
भारतीय वन अधिनियम 1927 के विभिन्न धाराओं का संशोधन विधानमंडल से कर दिया गया. इसका खामियाजा यह समाज भोग रहा है. उन्होंने बिहार संशोधन 09, 1990 को निरस्त करने और मुकदमों को वापस लेने की मांग की.
श्री शर्मा ने राज्य सरकार को सावधान किया कि यदि इस आंदोलन के बाद भी उनका ध्यान नहीं टूटा तो आगामी 23 जून को मुख्यमंत्री के समक्ष रोषपूर्ण प्रदर्शन किया जायेगा. आने वाले विधानसभा चुनाव में यह समाज सरकार से अपना हिसाब चुकता करेगा. सभा को संबोधित करते हुए जिला सचिव रामलखन शर्मा ने कहा कि यह सरकार श्रमिक विरोधी है. कल्याण बोर्ड में 20 रुपये वार्षिक की जगह 22 रुपये मासिक नवीकरण वसूल किया जा रहा है.
कल्याण बोर्ड में छह महीने के बाद राशि भुगतान की व्यवस्था है. लेकिन वर्ष 2011 से 2013 तक के सदस्यों को राशि का भुगतान नहीं किया गया है. सभा को संबोधित करते हुए कमलदेव ठाकुर, संजय कुमार शर्मा, लाल बाबू शर्मा, जगदीश शर्मा, हरेकृष्ण शर्मा, जीवछ शर्मा, शिवनंदन शर्मा, गौरी शंकर शर्मा, वासुदेव शर्मा, जय नारायण शर्मा, मदन शर्मा, राम विष्णु ठाकुर, शत्रुघ्न प्रसाद शर्मा, पवन कुमार शर्मा, दिलीप कुमार शर्मा, धर्मनाथ शर्मा, राम बाबू शर्मा, अगिAदेव शर्मा, राज किशोर शर्मा आदि ने संबोधित करते हुए सरकार से समय रहते मांगों को मान लेने का अनुरोध किया.
