नगर व मुफस्सिल के मालखाने में नहीं हैं विस्फोटक

फोटो संख्या : 10छह महीने बाद भी सेवानिवृत्त मालखाना इंचार्ज ने नहीं सौंपा प्रभारछह महीनों से नहीं हुआ है मालखाने का ऑडिटसमस्तीपुर. सूबे के औरंगाबाद जिला अंतर्गत बारुण ब्लॉक के एक थाने के मालखाने में रखा बम फट जाने के बाद मालखाना अचानक सूर्खियों में आ गया है. जिले के विभिन्न थानों में अवस्थित मालखानों […]

फोटो संख्या : 10छह महीने बाद भी सेवानिवृत्त मालखाना इंचार्ज ने नहीं सौंपा प्रभारछह महीनों से नहीं हुआ है मालखाने का ऑडिटसमस्तीपुर. सूबे के औरंगाबाद जिला अंतर्गत बारुण ब्लॉक के एक थाने के मालखाने में रखा बम फट जाने के बाद मालखाना अचानक सूर्खियों में आ गया है. जिले के विभिन्न थानों में अवस्थित मालखानों का अवलोकन करने से पता चला है कि वैसे तो यह इलाका पूरी तरह से शांत है. यहां यदा कदा कम क्षमता वाले बम और गोलियां ही बरामद होती रही है. बमों को निष्क्रिय करने के लिए जिले में दस्ता उपलब्ध है. जिसके सहयोग से बम को निष्क्रिय कर मालखाने में रख दिया जाता है. अगर भारी विस्फोटक पदार्थ बरामद होते हैं तो उसे भी निष्क्रिय कर तत्काल जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला पटना भेज दिया जाता है. जिला मुख्यालय में अवस्थित नगर और मुफस्सिल थाने के मालखाने में फिलहाल ऐसे कोई विस्फोटक पदार्थ उपलब्ध रहने की जानकारी नहीं है. जिसके कारण पुलिस पूरी तरह से आश्वस्त है. दूसरी ओर सूत्र बताते हैं कि विगत छह महीनों से दोनों थानों के मालखाने का ऑडिट नहीं हुआ है. मुफस्सिल थाने में तो मालखाना इंचार्ज की सेवानिवृत्ति के छह महीने बाद भी चार्ज नहीं सौंपने के कारण यह परेशानी बनी हुई है. लेकिन नगर थाने में इंचार्ज होने के बाद भी ऑडिट नहीं होने की बात कही जा रही है. संपर्क करने पर एएसपी आनंद कुमार ने बताया कि भारी विस्फोटक पदार्थ नक्सली क्षेत्रों में ही पाये जाते हैं. जिसमें डिटोनेटर बम समेत कई अन्य पदार्थ आते हैं. बावजूद इसके मालखानों की सुरक्षा को लेकर पुलिस पहले से ही पूरी तरह सतर्कता बरत रही है.

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