खिसक रही ऐतिहासिक कुआं की सतह

मोहनपुर : कुआं की निचली सतह लगातार खिसक रही हैं. समीपवर्ती घरों को न सिर्फ पेयजल की समस्या दिख रही हैं, बल्कि यह भी प्रतीत होता है कि निकटवर्ती कइ घरों का अस्तित्व मिट जायेगा. बिनगामा चौक के पास तकिया टोला का एक पुराना कुआं अपनी सतह से टूट रहा है. भूकंप के बाद से […]

मोहनपुर : कुआं की निचली सतह लगातार खिसक रही हैं. समीपवर्ती घरों को न सिर्फ पेयजल की समस्या दिख रही हैं, बल्कि यह भी प्रतीत होता है कि निकटवर्ती कइ घरों का अस्तित्व मिट जायेगा. बिनगामा चौक के पास तकिया टोला का एक पुराना कुआं अपनी सतह से टूट रहा है.

भूकंप के बाद से लगातार कु आं की निचली सतह नीचे की ओर बैठती जा रही हैं. यद्यपि बाहर से देखने पर कु आं के स्वरूप में कोई अंतर नहीं दिख रहा, तथापि कुआ के जल को पीने और स्नान करने के लिए इस्तेमाल करने वाले लोगों ने बताया कि कु आं की निचली सतह लगातार अपना स्थान छोड़ती जा रही हैं. इससे पानी की सतह भी नीचे खिसक रही है. और पेयजल समस्या की आशंका गहराती जा रही हैं. कु आं के ऐतिहासिक होने की बात बतायी जा रही.

तकिया टोला सूफी संतो एवं मुगल शासन के अवशेषों की कहानी कहता है. यहां खुदाई से ऐतिहासिक संपदाएं प्राप्त होने की संभावना हैं. परंतु एक ऐतिहासिक कु आं से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों का अन्वेषण आज तक नहीं किया जा सका. किसी ने ऐसा प्रयास नहीं किया. अब कु आं का अस्तित्व भी खतरे में है. समीपवर्ती घरों के नीचे से भी मिट्टी खिसकने का खतरा बढ़ता जा रहा हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >