उजियारपुर. समस्तीपुर-उजियारपुर रेलखंड के बीच अवस्थित बेलारी हॉल्ट विगत पांच वर्षों से उपेक्षा का दंश झेल रहा है. हॉल्ट पर न तो छावनी की व्यवस्था है और नहीं यात्रियों के बैठने की. यहां आने वाले लोग खुले आसमान के नीचे ही ट्रेन आने की प्रतीक्षा करते रहते हैं. मात्र एक अप व एक डाउन पैसेंजर ट्रेन इस हॉल्ट पर रुकता है. जब हॉल्ट का निर्माण किया गया था तो लोगों में यह आस जगी थी कि अब यातायात के साधन सहज होंगे. परंतु ऐसा नहीं हुआ. गत दिनों उजियारपुर के सांसद नित्यानंद राय से बेलारी हाल्ट संघर्ष समिति के अध्यक्ष देवेंद्र पाठक के नेतृत्व में ग्रामीणों ने मिल कर इस हाल्ट पर अन्य पैसेंजर ट्रेनों के ठहराव की दिशा में पहल करने की अपील की थी. सांसद श्री राय ने रेल राज्य मंत्री व रेलवे के वरीय अधिकारियों को बरौनी-समस्तीपुर, कटिहार-समस्तीपुर, हावड़ा-जयनगर, कटिहार-दरभंगा पैसेंजर व जयनगर पटना कमला गंगा इंटरसिटी के ठहराव देने को लिखा है. अब देखना है कि सांसद का इस दिशा में की गयी पहल कितना कारगर साबित होता है. ग्रामीणों के दिन बहुरते हैं या सिर्फ दो ट्रेनों के सहारे ही अपनी यात्रा पूरी करने के लिए लोग विवश रहते हैं.
बेलारी हॉल्ट पर ट्रेनों का ठहराव की आस में ग्रामीण
उजियारपुर. समस्तीपुर-उजियारपुर रेलखंड के बीच अवस्थित बेलारी हॉल्ट विगत पांच वर्षों से उपेक्षा का दंश झेल रहा है. हॉल्ट पर न तो छावनी की व्यवस्था है और नहीं यात्रियों के बैठने की. यहां आने वाले लोग खुले आसमान के नीचे ही ट्रेन आने की प्रतीक्षा करते रहते हैं. मात्र एक अप व एक डाउन पैसेंजर […]
