यज्ञ में सभी का सम्मान हो : लवकुश

हसनपुर. प्रखंड के ाासन सती स्थान में चल रहे श्री श्री 1008 श्री रूद्र महायज्ञ की चर्चा पूरे क्षेत्र के श्रद्धालुओं से धार्मिक रूप से सुनने को मिल रही है. यज्ञ के चौथे दिन आचार्य लवकुश शास्त्री महाराज ने अपनी कथा के माध्यम से कहा कि यज्ञ में सभी का सम्मान होना चाहिए. जिस यज्ञ […]

हसनपुर. प्रखंड के ाासन सती स्थान में चल रहे श्री श्री 1008 श्री रूद्र महायज्ञ की चर्चा पूरे क्षेत्र के श्रद्धालुओं से धार्मिक रूप से सुनने को मिल रही है. यज्ञ के चौथे दिन आचार्य लवकुश शास्त्री महाराज ने अपनी कथा के माध्यम से कहा कि यज्ञ में सभी का सम्मान होना चाहिए. जिस यज्ञ में किसी व्यक्ति विशेष या सगे संबंधियों का सम्मान होता है वह वास्तविक यज्ञ नहीं है. उन्होंने एक उदाहरण देते हुए बताया कि रामचरित मानस में तुलसी दास महाराज ने यज्ञ और जागा दोनों शब्दों का विशेष अर्थ बताया है. भगवान भोले नाथ ने माता सती को अपने पिता के यज्ञ मे जाने से बहुत रोका पर वह नहीं मानी. उस यज्ञ में गयी. परिणामस्वरूप उन्हें अपने प्राणों की आहूति देनी पड़ी. कथा मंच पर मुंबई के मुन्ना सिंह, कुलदीप सिंह, उपेन्द्र पांडेय व मौके पर महंथ शंभू दास, उप प्रमुख विनोद कुमार यादव, रामाशीष यादव, संतोष ठाकुर, मनीष कुमार, सर्वेश कुमार, दिलखुश पाठक, शिवेश झा, लुखी झा, रामजाने झा, विनोद राय सहित समस्त ग्रामवासी मौजूद थे.

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