समस्तीपुर : पिछले दो दिनों से जिला मुख्यालय एवं इसके आसपास की लगभग 45 प्रतिशत आबादी रतजगा करने को विवश है़ गरमी के कारण बिजली आपूर्ति की प्रणाली ओवरलोड हो गयी है. इससे सुबह से लेकर रात तक बिजली बाधित हो रही है़
इसे संभालना यहां के विद्युत अभियंताओं और ऑपरेटरों के लिए मुश्किल हो रहा है़ अभियंता बारिश होने का इंतजार कर रहे हैं जिससे सिस्टम कुछ नॉर्मल होगा़ इसके बाद आमलोगों को निर्बाध बिजली मिलने लगेगी़ अभी पूरे शहर में बिजली आपूर्ति बेकाबू है़ 33 केवी से लेकर 11 केवी या उससे नीचे की प्रणाली लगातार ट्रिप कर रहे हैं. इससे बिजली की निर्बाध आपूर्ति पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है़ ट्रिप करने की वजह बढ़ा हुआ तापमान बताया जा रहा है़
जानकारों का कहना है कि 40 डिग्री सें. तापमान रहने के कारण यहां के सिस्टम का तापमान 70 डिग्री सें. से ऊपर चला गया है. इसके कारण बिजली आपूर्ति को संभालना मुश्किल हो रहा है़ इसी तरह ओवरलोड से 33 एवं 11 केवी के जंफर लगातार जल रहे हैं. इससे दो से तीन घंटे तक बिजली ठप हो जाती है़
सूत्रों के मुताबिक एक सप्ताह के भीतर पूरे शहर में 33 एवं 11 केवी के जंफर काफी जले हैं यह सिलसिला लगातार जारी है़ यदि कुछ दिनों तक गर्मी का यही हाल रहा तो बिजली आपूर्ति में भारी समस्या उत्पन्न हो सकेगी. फिलहाल मौसम के गरम मिजाज से निबटने के लिए आम लोगों के साथ साथ विद्युत विभाग के कर्मियों की नजर भी आसमान की ओर टिकी है. वर्षा होने से लोगों को उसम भरी गरमी से थोड़ी राहत मिलेगी तो विभाग का सिस्टम थोड़ा नॉर्मल हो जायेगा.
तराई क्षेत्रों में हो सकती है हल्की बारिश
समस्तीपुर : अगले तीन दिनों तक उत्तर बिहार के जिलों में आसमान प्राय: साफ नजर आयेंगे. यदा कदा हल्के बादल देखे जा सकते हैं. तराई के कुछ स्थानों पर 24 से 26 मई के आसपास हल्की बूंदाबांदी हो सकती है.
कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा भी हो सकती है. हालांकि आम तौर पर मौसम शुष्क रहने का अनुमान है. राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय स्थित मौसम विभाग से जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि पूर्वानुमान की अवधि में आम तौर पर पुरवा हवा चलेगी. जिसकी औसत रफ्तार 5 से 12 किलो मीटर प्रति घंटे के बीच रह सकती है.
इस अवधि में न्यूनतम तापमान 26 से 29 व अधिकतम तापमान के 36 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. कृषि वैज्ञानिकों ने खरीफ प्याज की खेती के लिए नर्सरी तैयार करने का सुझाव दिया है.
खरीफ धान के बीज की व्यवस्था करने और 25 मई के बाद अगात धान के बिचड़े गिराने की सलाह दी है. इस मौसम में लतीदार सब्जियों की फसल कद्दु, नेनुआ, करैला, खीरा में न्यूनतम नमी बनाये रखने का सुझाव दिया है. मिर्च के खेत में विषाणु रोग से ग्रसित पौधों को उखाड़कर जमीन में गाड़ दें. भिंडी फसल में माइट कीट की निगरानी करते रहे. बता दें कि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 39़ 3 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया.
