पूसा. राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के शोध छात्र एवं अखिल भारतीय कृषि छात्र संघ के विश्वविद्यालय अध्यक्ष पंकज कुमार ओझा ने पूसा को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग सीएम से की है. बताया कि हमारे देश में कृषि शोध एवं अनुसंधान की नींव सबसे पहले पूसा से शुरुआत की गयी थी. निश्चित रूप से इस स्थान ने भारतीय कृषि को एक नयी दिशा दी है. वर्ष 1919 में इम्पीरियल एग्रीकल्चरल रिसर्च इन्स्टीट्यूट पूसा के नाम से जाना गाया. इसके साथ ही यह संस्थान भारतीय कृषि विकास का सिरमौर बना. इन्होंने अपनी मांग में मुख्य रूप से पूसा के स्वर्णिम इतिहास को देखते हुए यहां पर संग्रहालय की स्थापना करने की अनुशंसा करने की मांग की है. ताकि बिहार राज्य को पर्यटन का एक नया आयाम मिल सके.
राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग
पूसा. राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के शोध छात्र एवं अखिल भारतीय कृषि छात्र संघ के विश्वविद्यालय अध्यक्ष पंकज कुमार ओझा ने पूसा को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग सीएम से की है. बताया कि हमारे देश में कृषि शोध एवं अनुसंधान की नींव सबसे पहले पूसा से शुरुआत की गयी थी. निश्चित रूप से इस […]
